रिपोर्ट मंगल धुर्वे /लोकेशन खंडवा


खंडवा जिले के खालवा क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। ग्राम मामाढोह में एक भीषण अग्निकांड ने 8 आदिवासी परिवारों के सपनों को राख कर दिया है। सब कुछ जलकर स्वाहा होने के बाद अब ये परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इस संकट की घड़ी में गोंड महासभा पीड़ितों के लिए ढाल बनकर खड़ी हुई है।​
​घटना का मंजर: खंडवा जिले के खालवा विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम मामाढोह में उस समय मातम पसर गया, जब अचानक लगी आग ने देखते ही देखते 8 घरों को अपनी आगोश में ले लिया। आग इतनी विकराल थी कि ग्रामीणों को अपने घर से सामान निकालने का मौका तक नहीं मिला। अनाज, कपड़े, जरूरी दस्तावेज और घर का हर छोटा-बड़ा सामान देखते ही देखते राख के ढेर में तब्दील हो गया।
​गोंड महासभा की मदद: इस भीषण त्रासदी की जानकारी मिलते ही गोंड महासभा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। पीड़ितों का दुख साझा करते हुए, महासभा ने त्वरित राहत के रूप में पीड़ित परिवारों को कंबल और अन्य जरूरी सामग्री का वितरण किया। महासभा के सदस्यों ने पीड़ितों को ढांढस बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।
​समाज का आग्रह: गोंड महासभा के पदाधिकारियों ने इस मौके पर प्रशासन से मांग की है कि आगजनी से पीड़ित इन 8 आदिवासी परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता दी जाए और उनके घरों के पुनर्निर्माण में मदद की जाए, ताकि ये परिवार फिर से अपना जीवन शुरू कर सकें।
​पीड़ितों का दर्द: अपना सबकुछ खो चुके ग्रामीण इस समय गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि उनकी पूरी मेहनत की कमाई और जमा-पूँजी आग की भेंट चढ़ गई है।

फिलहाल, गोंड महासभा की इस पहल की क्षेत्र में सराहना हो रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन पीड़ित परिवारों के घावों पर मरहम लगाता है।

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