हमारी पुश्तैनी जमीन पर क्यों चला ट्रैक्टर? संडीला में किसानों का फूटा गुस्सा
संवाददाता विजय मिश्रा
हरदोई। तहसील संडीला क्षेत्र में कासिमाबाद फॉर्म और सरवा, सुरजीखेड़ा, शिवपुरी समेत कई गांवों के किसानों के बीच जमीनी विवाद ने गुरुवार को बड़ा रूप ले लिया। वर्षों से जिस जमीन पर किसान अपने परिवार का पेट पालते आए, आज उसी जमीन को बचाने के लिए उन्हें अधिकारियों के सामने गुहार लगानी पड़ रही है।
कृष्ण कुमार बाजपेई, मुंशीलाल, गंगाराम, परवन, भैयालाल, बाबूलाल, रामआसरे, सर्वेश कुमार, महेश, मोहनलाल, रईस आदि किसानों का आरोप है कि कासिमाबाद फॉर्म के अधिकारियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके खेतों में ट्रैक्टर चलवा दिए और जमीन को फॉर्म की सीमा में शामिल करने की कोशिश की। किसानों का कहना है कि यह जमीन उनकी पुश्तैनी है, जिस पर कई पीढ़ियों से खेती होती चली आ रही है। किसी के पास 3 बीघा तो किसी के पास 4 से 5 बीघा तक जमीन है, और यही उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा है।
मौके पर पहुंची एसडीएम समेत कई अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक तीखी बहस होती रही। किसान बार-बार एक ही बात कहते रहे कि हमारी जमीन हमें वापस दी जाए। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद फॉर्म प्रशासन कोर्ट के आदेशों की अनदेखी कर जबरन कब्जा करने में जुटा है।
स्थिति को गंभीर होता देख संडीला चतुर्थ से जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी विजय मिश्रा उर्फ बुलट भी मौके पर पहुंचे और किसानों के समर्थन में अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने प्रशासन से किसानों की समस्या का न्यायपूर्ण समाधान करने की मांग की।
आखिरकार एसडीएम ने ग्रामीणों को तीन दिन के भीतर मामले के निराकरण का आश्वासन दिया। लेकिन किसानों की आंखों में आज भी डर साफ दिखाई दिया कि कहीं उनकी पुश्तैनी मिट्टी उनसे छिन न जाए।
नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए
Facebook,
Instagram,
Twitter
पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे
YouTube
चैनल को भी सब्सक्राइब करें।
Leave a Comment: