भारतीय शेयर में सेंसेक्स और निफ्टी की कमजोर शुरुआत हुई। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और अमेरिका-ईरान के बीच नाजुक सीजफायर को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण निवेशकों में सतर्कता देखी गई। सुबह 9:17 बजे BSE Sensex 408 अंक गिरकर 77,154 के स्तर पर था। इसी तरह NSE Nifty 50 157 अंक टूटकर 23,839 के आसपास पहुंच गया।
एशियाई बाजारों में भी व्यापक गिरावट का रुख था। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 393.42 अंक टूटा, जबकि दक्षिण कोरिया का कोस्पी 90.27 अंक यानी 1.54 प्रतिशत नीचे रहा। हांगकांग का हैंग सेंग और चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक भी मामूली नुकसान के साथ कारोबार कर रहे थे। थाईलैंड का एसईटी कंपोजिट ही एकमात्र सूचकांक था जो थोड़ी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था।
- जापान का निक्केई 225 भी 393 अंक गिरा
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी 90 अंक नीचे आया
- हांगकांग और चीन के बाजार भी हल्की गिरावट के साथ खुले
- सिर्फ थाईलैंड का बाजार थोड़ा ऊपर था
कल बना था रॉकेट
कल के सत्र में बाजार में तेज रिकवरी देखी गई थी। निफ्टी 873 अंक उछलकर बंद हुआ था। इसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर था, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिर गईं। जियोफिट इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, "कल का उछाल सीजफायर और सस्ते कच्चे तेल की वजह से आया। बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स में अच्छी खरीदारी हुई।"
भविष्य की उम्मीद
RBI ने FY27 के लिए 6.9% जीडीपी ग्रोथ और 4.6% महंगाई का अनुमान लगाया है। इससे कंपनियों के मुनाफे में करीब 12% बढ़ोतरी हो सकती है। अगर पश्चिम एशिया में सीजफायर टिका रहा तो बाजार मजबूत रह सकता है।
चिंता की बात ये है कि इजरायल और लेबनान ने एक दूसरे पर हमले किए हैं, जिससे तनाव फिर बढ़ सकता है। अगर कच्चा तेल फिर महंगा हुआ, तो कल की तेजी फीकी पड़ सकती है। विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली से दबे अच्छे स्टॉक्स किसी भी समय उछाल मार सकते हैं।
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