पीलीभीत जिले के अमरिया विकासखंड के ब्लॉक सभागार में आज पशुपालकों के लिए एक भव्य एवं उपयोगी प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने


पीलीभीत जिले के अमरिया विकासखंड के ब्लॉक सभागार में आज पशुपालकों के लिए एक भव्य एवं उपयोगी प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल का रूप लिया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे पशुपालकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और आधुनिक पशुपालन की नई-नई जानकारियों से खुद को समृद्ध किया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पशु चिकित्सा अधिकारी धनपाल सिंह ने पशुपालकों को मुर्गी, सूकर, बकरी, गाय और भैंस पालन के वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीकों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यदि पशुपालन को पारंपरिक तरीके के बजाय वैज्ञानिक ढंग से किया जाए, तो यह न केवल आय का स्थायी स्रोत बन सकता है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकता है। उन्होंने पशुओं में फैलने वाली विभिन्न संक्रामक एवं सामान्य बीमारियों के बारे में विस्तार से बताते हुए उनके लक्षण, बचाव एवं उपचार की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से समय पर टीकाकरण कराने पर जोर देते हुए कहा कि “बीमारी से बचाव ही सबसे बड़ा उपचार है।” साथ ही पशुओं के पोषण, साफ-सफाई और उचित देखभाल के महत्व को भी समझाया।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों को विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई। उन्हें बताया गया कि किस प्रकार वे इन योजनाओं का लाभ लेकर अपने पशुपालन व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं। साथ ही यह भी समझाया गया कि विभाग द्वारा दी जा रही सहायता और सब्सिडी योजनाएं पशुपालकों के लिए एक बड़ा अवसर हैं।

धनपाल सिंह ने पशुपालकों से अपील करते हुए कहा कि आवारा पशुओं को सड़कों पर न छोड़ें, क्योंकि इससे दुर्घटनाओं और फसलों को नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि पशुओं को छोड़ना ही पड़े, तो उन्हें नजदीकी गौशाला में सुरक्षित पहुंचाया जाए, जिससे समाज और पशु दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह, पशुधन प्रसार अधिकारी महेंद्र पाल, ग्राम प्रधान सुखलाल, पलविंदर सिंह प्रिंस, इंद्रपाल सहित मैत्री पशु मित्र एवं क्षेत्र के सैकड़ों पशुपालक मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को बेहद लाभकारी बताते हुए ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में पशुपालकों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण शिविर न केवल उन्हें नई दिशा देते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं। अमरिया ब्लॉक में आयोजित यह कार्यक्रम पशुपालन क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण विकास को नई गति देने की दिशा में एक सराहनीय एवं प्रभावशाली कदम साबित हुआ।

राजकुमार वर्मा 
अबतक न्याय पीलीभीत

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