सैनी थाना पुलिस एवं सर्विलांस कि संयुक्त टीम ने घर के बाहर सो रहे अधेड़ की हत्या मामले का किया खुलासा,,
कौशाम्बी- सैनी थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर सो रहे अधेड़ की हत्या का सनसनीखेज खुलासा। पुलिस ने गांव के
गोरखपुर आज 4 फरवरी, 1922 को हुई चौरी चौरा घटना को याद करते हुए वीर शहीद क्रांतिकारियों को नमन करते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
गोरखपुर आज 4 फरवरी, 1922 को हुई चौरी चौरा घटना को याद करते हुए वीर शहीद क्रांतिकारियों को नमन करते हुए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।
चौरी चौरा घटना क्या थी?
4 फरवरी, 1922 को
संयुक्त प्रांत के गोरखपुर जिले के चौरी चौरा गांव में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक संघर्ष हुआ था प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिस अधिकारी मारे गए। इस घटना ने महात्मा गांधी को असहयोग आंदोलन को स्थगित करने के लिए मजबूर किया होना पड़ा।
चौरी चौरा का महत्व
चौरी चौरा घटना ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। यह घटना हमें अहिंसा और सत्याग्रह के महत्व को समझने में मदद करती है। आज भी, यह घटना हमें प्रेरित करती है और हमें स्वतंत्रता के लिए लड़ने वालों की याद दिलाती है
जिन्होंने अन्याय और शोषण के विरुद्ध लड़ाई लड़ा।
क्रांतिकारी शहीदों को नमन
चौरी चौरा घटना में शहीद हुए सभी सत्याग्रहियों को नमन। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। आइए, हम उनके सपनों को पूरा करने के लिए काम करें और भारत को एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्र बनाने में योगदान दें।
मीडिया से बात करते हुए पंडित राम कृष्ण द्विवेदी
पूर्व प्रत्याशी लोकसभा 62 संत कबीर नगर ने कहा।
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कौशाम्बी- सैनी थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के बाहर सो रहे अधेड़ की हत्या का सनसनीखेज खुलासा। पुलिस ने गांव के
श्रीकृष्ण भास्कर सह संपादक अब तक न्याय न्यूज आपको अवगत कराते चलें कि
पिंकी पाल ने उप जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन _*
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