विदेश में नौकरी के सपने लेकर घर से निकले 12 युवक किसी अनजान देश में भूख, मारपीट और शोषण का सामना करने को मजबूर हुए।


विदेश में नौकरी के सपने लेकर घर से निकले 12 युवक किसी अनजान देश में भूख, मारपीट और शोषण का सामना करने को मजबूर हुए। यह सभी युवक पिछले तीन महीनों से किर्गिस्तान में फंसे हुए थें। सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करके अपनी आप बीती सुनाई, मारपीट की शिकायत की और वेतन ना मिलने की बात कही। उनके स्वजन ने पीलीभीत सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से मदद मांगी तो उन्होंने उनके वापसी के प्रयास शुरू कर दिए। इनमें से नौ लोगों के टिकट की व्यवस्था कराई, जो शनिवार को बरेली पहुंच गए। जितिन प्रसाद के प्रतिनिधि किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने पुराना बस अड्डा पर उनसे मुलाकात की।

घोटाले का शिकार हुए सभी 12 लोग पीलीभीत के बरखेड़ा, पूरनपुर, दियोरिया और गजरौला थाना क्षेत्रों के निवासी हैं। आरोप है कि पीलीभीत शहर में एक भर्ती एजेंसी के मालिक ने उन्हें विदेश में नौकरी दिलाने का लालच दिया और उनसे यात्रा और फर्जी नौकरी के लिए प्रत्येक ने 2.5 लाख रुपये लिए। किर्गिस्तान में फंसे 12 लोगों के वीडियो से इस घोटाले का खुलासा हुआ। इस खुलासे के बाद 5 दिसंबर को मध्य एशियाई देश में फंसे लोगों के परिजनों ने अधिकारियों से संपर्क किया।आपको बता दें की रवि कुमार, अजय, चंद्रपाल, संतराम, रोहित, रमेश, हर्षवरूप, श्यामचरण, संजीव, प्रेमपाल, रामसारे और हरिशंकर लगभग तीन महीने से किर्गिस्तान के विभिन्न शहरों में फंसे हुए हैं। इन सभी को फर्जी अनुबंध के तहत 59 दिनों के वीजा पर भेजा गया था। किर्गिस्तान पहुंचने पर उन्हें वादे के मुताबिक नौकरी नहीं मिली और कथित तौर पर उन्हें बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया, जबकि उन्होंने उस नौकरी के लिए अनुबंध नहीं किया था।

समस्या को गंभीरता से लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री ने पीलीभीत के भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव प्रताप सिंह, किसान नेता देव स्वरूप पटेल के साथ पीड़ितों के स्वजनों को दिल्ली बुलाकर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में वार्ता की। उनके सामने ही अपने अधिकारियों के माध्यम से किर्गिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से वार्ता की थी।

किसान नेता देव स्वरूप पटेल ने बरेली में लौट रहे मजदूरों से मुलाकात की। पटेल ने बताया कि जिरोनिया गांव के हरिशंकर, भूदा पिपरिया गांव के रामाश्री और बैजू नगर गांव के श्याम चरण के लिए अभी तक टिकट की व्यवस्था नहीं की गई है। उनके वीजा और पासपोर्ट उन्हें उपलब्ध करा दिए गए हैं। शेष तीन लोगों के 30 दिसंबर तक लौटने की उम्मीद है क्योंकि उनके वीजा 31 दिसंबर, 2025 तक वैध हैं। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद से अनुरोध किया कि उनके साथ धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें उनका पैसा वापस दिलाने में मदद की जाए।

मजदूरों के गांव लौटने पर उनके परिवारों के चेहरे फिर से खिल उठे। किर्गिस्तान से वापस लौटे लोगों कहना था कि कोई भी विदेश में किसी प्राइवेट व्यक्ति, एजेंसी के लोगों के झांसे में आकर काम करने न जाए। किसी को कभी पढ़ाई लिखाई के बाद किसी कार्य को विदेश जाना होता है तो वह विदेश मंत्रालय के अंतर्गत सरकारी नियम के अनुसार सरकारी लोगों के माध्यम से ही जाएं जिससे कोई विदेश में न फंसे और ठगी का शिकार न होने पाए।

पीलीभीत के जिला मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र सिंह ने  बताया कि शेष तीन श्रमिकों की वापसी की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और उन्हें साल के अंत से पहले वापस लाया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी से जालसाजों से सावधान रहने की अपील भी की।

                                                                                                                                                                                                                         राजकुमार वर्मा 
                                                                                                                                                                                                                               पीलीभीत

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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