लव सिंह यादव/अब तक न्याय


 दहेज की भेंट चढ़ी नवविवाहिता, एंबुलेंस में छोड़कर भागा पूर्व ब्लॉक प्रमुख का परिवार – मायका पक्ष का रो-रोकर बयान, पुलिस ने चार पर हत्या का केस दर्ज किया

*लव सिंह यादव/अब तक न्याय*

 उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के खागा क्षेत्र में दहेज हत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। विजयपुर ब्लॉक के पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह की बहू, मात्र 22 वर्षीय कोमल उर्फ रश्मि सिंह का शव प्रयागराज के स्वरूपरानी हॉस्पिटल की एंबुलेंस में लावारिस हालत में मिला। शादी को महज एक महीना भी पूरा न होने पाया था कि परिवार ने उसकी हत्या कर शव को एंबुलेंस में फेंक दिया और खुद फरार हो गए। मायका पक्ष ने इसे साफ-साफ हत्या करार देते हुए दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया है। पुलिस ने पति, ससुर, सास और ननद समेत चार लोगों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। घटना के बाद खागा कोतवाली पर मायका पक्ष के परिजनों का रो-रोकर गुस्सा फूट पड़ा।

घटना का पूरा विवरण: शादी से शव तक की दर्दनाक दास्तान कौशांबी जिले के सड़वा पर गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह ने अपनी इकलौती बेटी रश्मि सिंह उर्फ कोमल (उम्र 22 वर्ष) का विवाह 2 नवंबर 2025 को खागा नई बाजार के रहने वाले आदित्य पटेल से कराया था। आदित्य पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सिंह का इकलौता बेटा है। शादी के समय ही दहेज की मांगें शुरू हो गईं थीं। मायका पक्ष के अनुसार, परिवार ने लग्जरी कार, 15 लाख नकद और सोने-चांदी के आभूषणों की मांग की, लेकिन गरीब परिवार ने अपनी हैसियत के अनुसार जितना हो सका, उतना दिया। फिर भी, विवाह के बाद से कोमल को लगातार ताने, मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा।गुरुवार की सुबह करीब 8 बजे कोमल के पिता धर्मेंद्र सिंह के फोन पर एक कॉल आई। फोन करने वाले ने बताया, "आपकी बेटी की हालत नाजुक है, हम उसे प्रयागराज के स्वरूपरानी हॉस्पिटल ले जा रहे हैं।" परिवार ने तुरंत प्रयागराज का रुख किया। लेकिन हॉस्पिटल पहुंचने पर उन्हें वहां कोई ससुराल पक्ष का सदस्य नजर नहीं आया। हॉस्पिटल परिसर में खड़ी एक एंबुलेंस के अंदर कोमल का शव पड़ा था – अकेला, बेसहारा। शव पर चोट के निशान साफ दिख रहे थे, और एंबुलेंस का दरवाजा भी खुला हुआ था। मायका पक्ष के परिजनों ने चीख-पुकार मचाई, लेकिन आरोपी परिवार पहले ही मौके से फरार हो चुका था।"हमारी बेटी को मार डाला... एंबुलेंस में फेंककर भाग गए!" – यही दर्द भरी पुकार कोमल की मां और बहनों की जुबान पर थी।

 हॉस्पिटल स्टाफ ने बताया कि एंबुलेंस दोपहर करीब 1 बजे हॉस्पिटल के बाहर खड़ी मिली थी, लेकिन ड्राइवर या कोई परिचित व्यक्ति नहीं था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, और रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारण का पता चलेगा। प्रारंभिक जांच में जहर या गला दबाने के निशान मिलने की आशंका जताई जा रही है।

पुलिस कार्रवाई: चारों आरोपी फरार, विशेष जांच टीम गठित खागा कोतवाली में मृतका पिता की तहरीर पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 108 (दहेज हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। आरोपी हैं आदित्य पटेल (पति, उम्र 26 वर्ष),महेंद्र सिंह (ससुर, पूर्व ब्लॉक प्रमुख, उम्र 55 वर्ष),पुष्पा देवी (सास, उम्र 50 वर्ष),अंजलि पटेल (ननद, उम्र 24 वर्ष) कोतवाली प्रभारी ने बताया, "मामला गंभीर है। चारों आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में कई थानों की पुलिस लगी हुई है। स्वरूपरानी हॉस्पिटल से सीसीटीवी फुटेज और एंबुलेंस ड्राइवर के बयान लिए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। एसपी फतेहपुर के निर्देश पर विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी गई है।"पुलिस ने ससुराल के घर पर छापा मारा, लेकिन वहां ताला लगा मिला।

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