लव सिंह यादव/अब तक न्याय


*ब्रेकिंग न्यूज़: फतेहपुर में साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश - 3 शातिर ठग गिरफ्तार, 31 मुकदमों का खुलासा*

*लव सिंह यादव/अब तक न्याय*

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की सतत कार्रवाई को एक और झटका लगा है। पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह के निर्देशन में साइबर क्राइम पुलिस थाना, इंटेलिजेंस विंग और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने फर्जी एटीएस (एंटी टेररिज्म स्क्वायड) चीफ बनकर मनी लॉन्ड्रिंग का झूठा मुकदमा और गिरफ्तारी का भय दिखाकर लाखों रुपये ऐंठने वाले अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार तीन मुख्य आरोपी सार्थक, संतोष और राहुल के खिलाफ तमिलनाडु, केरल, गुजरात, तेलंगाना, दिल्ली समेत कई राज्यों में कुल 31 मुकदमे दर्ज हैं। यह गिरोह विदेशी और दक्षिण पूर्वी एशिया से जुड़े अपराधियों के साथ मिलकर सक्रिय था।ठगी का तरीका आरोपी खुद को फर्जी एटीएस अधिकारी बताते थे।

पीड़ितों को फोन कर मनी लॉन्ड्रिंग का केस चलने और तत्काल गिरफ्तारी का डर दिखाते थे।

डराने-धमकाने के बाद विभिन्न बैंक खातों, क्रेडिट/डेबिट कार्ड और डिजिटल माध्यमों से पैसे ट्रांसफर करवाते थे।

मुख्य सरगना सार्थक विदेशी अपराधियों से व्हाट्सएप और अन्य ऐप्स के जरिए कोऑर्डिनेट करता था, जबकि संतोष और राहुल नए शिकार ढूंढने और पैसे वितरित करने का काम संभालते थे।गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों में फैला था, जहां से लाखों रुपये की ठगी की गई।

गिरफ्तारी और बरामदगी गिरफ्तार आरोपी: सार्थक (मुख्य सरगना, ग्रेटर नोएडा निवासी),संतोष,राहुल

सभी को ग्रेटर नोएडा से दबोचा गया और फतेहपुर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

बरामद सामग्री: भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें 100 से अधिक मोबाइल फोन, दर्जनों सिम कार्ड, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, चेकबुक, पासबुक, लैपटॉप, टैबलेट, फर्जी दस्तावेज और आधार कार्ड शामिल हैं। ये सामान ठगी के लिए इस्तेमाल होते थे।

पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सिंह ने बताया, "यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और कई राज्यों में 31 मुकदमों का सामना कर रहा था। साइबर क्राइम के खिलाफ ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत यह कार्रवाई की गई है। हम लगातार सर्विलांस और तकनीकी निगरानी बढ़ा रहे हैं।" उन्होंने जनता से अपील की: "यदि आपको फर्जी अधिकारी का कॉल आए, तो घबराएं नहीं। तुरंत 1930 (साइबर हेल्पलाइन) या 112 पर शिकायत करें। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।"यह कार्रवाई फतेहपुर पुलिस की हालिया अन्य सफलताओं से जुड़ी हुई है, जहां फर्जी एसटीएफ चीफ बनकर 41 लाख की ठगी करने वाले गिरोह को भी पकड़ा गया था। इससे जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लग रहा है। पुलिस ने लोगों से साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने की अपील की है।

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