हंसराज वर्मा


सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र के खम्हरिया नानकारी गांव में तीन माह पुराने संदिग्ध मौत के मामले ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। डीएम के आदेश पर शनिवार दोपहर मृतक रंजीत का शव कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस दौरान महमूदाबाद तहसील प्रशासन और सदरपुर पुलिस की संयुक्त टीम गांव में मौजूद रही है।

मामला तीन माह पूर्व 26 अगस्त 2025 को उस समय चर्चा में आया था, जब 28 वर्षीय रंजीत पुत्र सुरेश का शव दिबियापुर तालाब के पास एक पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में लटका मिला था। लखनऊ में रहकर मजदूरी करने वाले रंजीत की मौत को लेकर गांव में सनसनी फैल गई थी। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर 27 अगस्त को जब शव गांव पहुंचा, तो परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। उनका आरोप था कि रंजीत की हत्या कर शव को फांसी पर लटकाया गया है। मृतक के पिता सुरेश ने गांव के प्रदीप, दिलीप और बबलू नामक तीन युवकों पर पुराने विवाद के चलते हत्या का आरोप लगाया था। उनका यह भी दावा था कि मरने से पहले रंजीत ने एक ऑडियो संदेश भेजकर इन्हीं युवकों पर धमकी देने का आरोप लगाया था। इस आधार पर पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है।

घटना के बाद ग्रामीणों व परिजनों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। अधिकारियों के समझाने के बाद ही अंतिम संस्कार कराया जा सका था।

हालांकि मृतक के पिता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए आरोप लगाया कि डॉक्टर ने पैसे लेकर तथ्य छिपाए हैं। शिकायत की गंभीरता देखते हुए जिलाधिकारी ने पुनः पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया है। अब शनिवार को कब्र से शव निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा, ताकि मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सके।

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