मिर्जापुर: अकोढी में स्कूली बच्चों से भरी ऑटो अनियंत्रित होकर पलटी, कई बच्चे घायल
ग्रामीणों की सूझबूझ से बची बड़ी घटना, अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन और चालक पर लापरवाही का आरोप लगाया**
मिर्जापुर जिले के अकोढी क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह बड़ा हादसा टल गया। विंध्य ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के बच्चों को लेकर जा रही एक ऑटो (नंबर UP 63 AT 7375) अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गई। ऑटो में सवार सभी बच्चे दहशत में आ गए और कई बच्चे चोटिल हो गए। घटना स्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल ऑटो को उठाया और बच्चों को बाहर निकालकर राहत पहुंचाई। समय रहते बचाव न होने पर हादसा गंभीर रूप ले सकता था।
कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह स्कूल समय पर ऑटो बच्चों को लेकर महेश भट्टाचार्य इंटर कॉलेज, अकोढी के समीप पहुँची ही थी कि उसी दौरान चालक ने संतुलन खो दिया। बताया जा रहा है कि ऑटो में क्षमता से अधिक बच्चे भरे हुए थे, जिसके कारण मोड़ पर गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और ऑटो पलटकर सड़क के किनारे जा गिरी।
कुछ बच्चों को हाथ-पैर, सिर और कंधे में चोटें आईं। कई बच्चे सहम गए और रोने लगे।
ग्रामीणों ने चलाया बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुँचे। उन्होंने पलटी हुई ऑटो को सीधा किया, बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें शांत कराया। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए।
ग्रामीणों ने बताया कि—
घायल बच्चों को उपचार हेतु भेजा गया
स्थानीय लोगों ने तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र विंध्याचल को सूचना दी। एंबुलेंस मौके पर पहुँची और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। गंभीर चोट वाले बच्चों को आगे रेफर भी किया जा सकता है।
पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची
हादसे की सूचना ग्रामीणों ने अष्टभुजा चौकी को भी दी। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने चालक, ऑटो और स्कूल प्रबंधन के बारे में जानकारी जुटाई तथा आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस ने बताया—
अभिभावकों का स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप
घटना के बाद अभिभावक मौके पर पहुँचे। उन्होंने स्कूल प्रशासन को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि—
स्कूल हमसे VIP गाड़ी (बड़ी, सुरक्षित गाड़ी) का किराया लेता है,
लेकिन
बच्चों को ठूंस-ठूंसकर ऑटो में भेज दिया जाता है।
अभिभावकों ने कहा कि यह धोखाधड़ी के साथ-साथ बच्चों की जान से खिलवाड़ है। उनकी मांग है कि स्कूल प्रबंधन और चालक दोनों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
एक अभिभावक ने कहा—
स्कूल वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों का मुद्दा फिर चर्चा में
यह हादसा इस पुराने और गंभीर मुद्दे को फिर उजागर करता है कि कई स्कूलों में वाहनों की संख्या कम होने के कारण बच्चे क्षमता से अधिक बैठाए जाते हैं। इससे न केवल नियमों का उल्लंघन होता है, बल्कि बच्चों की जान जोखिम में डाल दी जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि—
ओवरलोडिंग से ऑटो असंतुलित हो जाता है
ब्रेक लगने पर बच्चों को चोट लगती है
पलटने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है
अभिभावकों ने प्रशासन से स्कूल वाहनों की नियमित जांच करवाने की मांग की है।
घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों में रोष
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। कई बार चालक तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग करते दिखाई देते हैं। इस कारण क्षेत्र के लोग कई बार शिकायत भी कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई।
जांच की मांग और आगे की कार्रवाई
अभिभावकों और ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से मांग की है कि—
स्कूल पर परिवहन सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का केस दर्ज हो
चालक का लाइसेंस और फिटनेस की जांच हो
स्कूल वाहन की क्षमता का पालन अनिवार्य किया जाए
बच्चों को सुरक्षित बसों में भेजा जाए
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि तथ्य सामने आने पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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