जिला बहराइच की बड़ी खबर। ग्राम पंचायत जौहरा के ग्राम प्रधान की खुली पोल


जिला बहराइच की बड़ी खबर। ग्राम पंचायत जौहरा के ग्राम प्रधान की खुली पोल। जिला बहराइच के विकासखंड चित्तौरा के अंतर्गत ग्राम पंचायत जौहरा में ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि हमारे फतना गांव में प्रधान द्वारा कोई विकास कार्य नहीं किया गया है जब अब तक टीवी न्यूज चैनल की टीम आगे बढ़ी तो पता चला कि आवास बनाने के लिए ₹100000 दिए गए जिसमें से₹10000 प्रति आवास लिया गया है। और गांव में कोई नाली खड़ंजा का कार्य नहीं कराया गया है गांव में चारों तरफ गंदगी बनी रहती है जिससे हम लोगों को आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और जब टीम भ्रमण करते हुए आगे बढ़ी तो इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा था जिसमें दो नाबालिक बच्चे फावड़े से काम करते हुए नजर आए जिनकी दैनिक मजदूरी 350 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से ग्राम प्रधान द्वारा दिया जाता है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार समग्र शिक्षा अभियान चला रही है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे जो इस योजना पर ग्राम प्रधान की मनमानी चल रही है जिन बच्चों के हाथ में किताब और कॉपी होनी चाहिए उन बच्चों के हाथ में ग्राम प्रधान द्वारा फावड़ा पकड़ा दिया गया जो तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है आखिर इतनी बड़ी ग्राम प्रधान की मनमानी किसके इशारे पर की जाती है। और जब इंटरलॉकिंग कार्य को मीडिया द्वारा देखा गया तो मिट्टी पर सीमेंटेड ईंट बिछा दिया गया था और बाउंड्री ईंट मानक विहीन नजर आया जो जांच का विषय है और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है और तो और जब मीडिया टीम जौहरा गांव में पहुंची तो सामुदायिक शौचालय बंद मिला वहां खेल रहे बच्चों ने बताया शौचालय के सभी टैंक भरे हुए हैं और अंदर गंदगी है और जब टीम गांव में बने पंचायत भवन व पशु अस्पताल पर पहुंची तो भवन जर्जर दिखा। और गांव में बज बजाती हुई नालियां नालियों में उगी हुई घास और सड़कों पर गंदा पानी भरा नजर आया। जब इस संबंध में ग्रामीणों से बातचीत की गई ग्रामीणों ने साफ-साफ कहा कि यहां सफाई कर्मचारी नहीं आते हैं आते हैं तो फोटो खिंचवा कर चले जाते हैं आखिर कैसे होगा स्वच्छ भारत मिशन का सपना साकार। आरोप कर्ताओं के नाम निम्न हैं मालती पत्नी राधेश्याम, रज्जू पत्नी सुन्दर, सुनीता,शान्ती, फूलमती, बड़का, सरोज, राजरानी, रीता, लाल जी,रजनी, चमेली, मीरा, कमला, बृजरानी, आदि महिलाओं ने ग्राम प्रधान व सफाई कर्मचारी पर आरोप लगाया है अब देखना यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग द्वारा जांच कर के कार्यवाही की जाती है या फिर कागजों पर खानापूर्ति करके छोड़ दिया जाता है /यह खबर एक स्थानीय भ्रष्टाचार और विकास कार्यों में लापरवाही के मामले को उजागर करती है, जो जिला बहराइच के विकासखंड चित्तौरा की ग्राम पंचायत जौहरा से जुड़ी है। खबर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं —

मुख्य आरोप

विकास कार्यों में लापरवाही:
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव फतना में कोई विकास कार्य नहीं कराया गया।

नालियां, खड़ंजे और सफाई व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में हैं।

गांव में चारों ओर गंदगी और बदबू फैली रहती है।

आवास योजना में भ्रष्टाचार:

आवास निर्माण के लिए ₹1,00,000 दिए गए, जिनमें से ₹10,000 प्रति आवास रिश्वत के रूप में ग्राम प्रधान द्वारा लिए जाने का आरोप है।

बाल मजदूरी का आरोप:

इंटरलॉकिंग कार्य में दो नाबालिग बच्चे फावड़ा चलाते हुए पाए गए।

बच्चों को ₹350 प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही थी।

यह समग्र शिक्षा अभियान के नियमों का उल्लंघन है।

मानकविहीन निर्माण:

इंटरलॉकिंग कार्य में मिट्टी पर ही सीमेंट की ईंटें बिछाई गईं।

बाउंड्री की ईंटें भी मानक के अनुरूप नहीं थीं।

सामुदायिक शौचालय और भवनों की दुर्दशा:

सामुदायिक शौचालय बंद और गंदगी से भरा मिला।

पंचायत भवन और पशु अस्पताल जर्जर अवस्था में हैं।

सफाई कर्मचारियों की लापरवाही:

ग्रामीणों का कहना है कि सफाई कर्मचारी केवल फोटो खिंचवाने आते हैं, काम नहीं करते।

नालियों में घास उगी हुई है और सड़क पर गंदा पानी भरा रहता है।

शिकायतकर्ता ग्रामीणों के नाम

मालती पत्नी राधेश्याम, रज्जू पत्नी सुन्दर, सुनीता, शान्ती, फूलमती, बड़का, सरोज, राजरानी, रीता, लाल जी, रजनी, चमेली, मीरा, कमला, बृजरानी आदि।

निष्कर्ष

ग्रामीणों की शिकायतें गंभीर हैं — जिनमें भ्रष्टाचार, बाल मजदूरी, मानकविहीन निर्माण, और सफाई व्यवस्था में लापरवाही के आरोप शामिल हैं।
अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस खबर पर संज्ञान लेकर जांच और कार्रवाई करते हैं या केवल औपचारिकता निभाई जाती है।अब तक टीवी न्यूज चैनल से जिला क्राइम ब्यूरो अदहम खान की रिपोर्ट

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