दीपावली के संदर्भ में प्रचलित एक और पौराणिक कथा की जानकारी दी गौ पुत्र धर्म दास महाराज ने*


मथुरा।आपको बता दें कि ब्रजवासी गौ रक्षक सेना भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौपुत्र धर्म दास महाराज ने आज दीपावली के बारे में जानकारी दी कहा कि जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर दैत्यराज बलि से तीन पग धरती मांगकर तीनों लोकों को नाप लिया तो राजा बलि ने उनसे प्रार्थना की- हे प्रभु! मैं आपसे एक वरदान मांगना चाहता हूं. यदि आप मुझसे प्रसन्न हैं तो वर देकर मुझे कृतार्थ कीजिए. तब भगवान वामन ने पूछा- क्या वरदान मांगना चाहते हो, राजन? दैत्यराज बलि बोले- प्रभु! आपने कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी से लेकर अमावस्या की अवधि में मेरी संपूर्ण पृथ्वी नाप ली है, इसलिए जो व्यक्ति मेरे राज्य में चतुर्दशी के दिन यमराज के लिए दीपदान करे, उसे यम यातना नहीं होनी चाहिए और जो व्यक्ति इन तीन दिनों में दीपों का पर्व मनाए, उनके घर को लक्ष्मीजी कभी न छोड़ें.राजा बलि की प्रार्थना सुनकर भगवान वामन बोले- राजन! मेरा वरदान है कि जो चतुर्दशी के दिन नरक के स्वामी यमराज को दीपदान करेंगे, उनके पितर कभी नरक में नहीं रहेंगे और जो व्यक्ति इन तीन दिनों में दीपावली का उत्सव मनाएंगे, उनके पापों को क्षमा कर उन्हें छोड़कर मेरी प्रिय लक्ष्मी अन्यत्र न जाएंगी. भगवान वामन द्वारा राजा बलि को दिए इस वरदान के बाद से ही नरक चतुर्दशी के दिन यमराज के निमित्त व्रत, पूजन और दीपदान का प्रचलन आरंभ हुआ, जो आज तक चला आ रहा है. तथा भारत देश के लोग आज विदेशी समान का वहिष्कार करें और देश की सामग्री का प्रयोग करें।हो सकें तो गौ माता की सेवा और रक्षा करें जिससे आपका जीवन धन्य हो जाऐ तथा सनातन धर्म की रक्षा करें। दीपावली पर्व पर लक्ष्मी पूजा के समय संकल्प लें कि गौ माता की सेवा और रक्षा करने का 

संत हमेशा सच्ची कहानी कहते हैं बाकी आप लोगों की बुद्धि जो कहें सो करें गौ पुत्र धर्म दास महाराज का कहना है कि *जाकी रही भावना जैसी प्रभु मूरत देखी तिन तैसी*

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Bhanu Pratap Dixit

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भानु प्रताप दीक्षित अबतक टीवी के ऑफिस में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता में 6 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे सीनियर को-एडिटर के पद पर अपनी जिम्मेदारियाँ निभा रहे हैं।

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