लखनऊ। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को नये सिरे से मजबूत करने की कोशिश में जुटी बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती नाै अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी कर रही है।
राजधानी में कांशीराम स्मारक स्थल पर राज्य स्तरीय आयोजन में पांच लाख की भीड़ जुटाई जाएगी, साथ में कई नेताओं को पार्टी में शामिल कर बढ़त का संदेश दिया जाएगा। ऐसे में आयोजन को लेकर बड़ी तैयारी हो रही है। शनिवार को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा सहित अन्य पार्टी नेताओं ने आयोजन स्थल का जायजा लिया।
वर्ष 2007 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने वाली बसपा पिछले कई चुनावों से लगातार कमजोर प्रदर्शन कर रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में पार्टी केवल एक सीट पर ही जीत हासिल कर पाई थी, जबकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में एक भी सीट पर विजय नहीं मिली थी।
अब मायावती अगले विधानसभा चुनावों से पहले संगठन में नई जान फूंकने की कोशिश में लगी हैं। हाल में संगठन का पुनर्गठन किया गया है और भतीजे आकाश आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया है। अब कांशीराम की पुण्यतिथि पर बड़ी भीड़ जुटाकर संगठन में उत्साह का संचार करने और जनता के बीच ताकत का संदेश देने की रणनीति बनाई गई है।
इसके लिए पूर्व में बसपा में रहे कई दिग्गज नेताओं की वापसी की राह भी खोलने की तैयारी है। माना जा रहा है कि इनमें से कुछ नेता पुण्यतिथि पर होने वाले आयोजन में दोबारा बसपा का दामन थाम सकते हैं।
दूसरी तरफ संगठन आयोजन को सफल बनाने की कोशिश में लगा है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रदेश भर से कार्यकर्ता और समर्थक एक दिन पहले ही लखनऊ पहुंचेंगे, उनके लिए रमाबाई मैदान में ठहरने के इंतजाम किए जा रहे हैं।
वहीं कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजन को भव्य बनाने को पसीना बहाया जा रहा है। स्मारक स्थल पर काफी समय से मरम्मत आदि का काम चल रहा था। इसके बाद यह पहला बड़ा आयाेजन होने जा रहा है। शनिवार को सतीश मिश्रा अन्य पार्टी नेताओं के साथ स्मारक स्थल पर पहुंचे। वहां चल रही तैयारियों की जानकारी ली और निर्देश दिए।
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