लव सिंह यादव/अब तक न्याय


*महानवमी के बाद कल होगा मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन*

लव सिंह यादव/ अब तक न्याय 

(फतेहपुर/उत्तर प्रदेश): शारदीय नवरात्रि के नौवें दिन महानवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।कई जगह कन्या पूजन व भंडारे का आयोजन किया गया इस धूमधाम के बाद, जिले में अब मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं। दिनांक 2 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी के अवसर पर फतेहपुर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मां दुर्गा की मूर्तियों का विधि-विधान के साथ विसर्जन किया जाएगा। यह आयोजन नवरात्रि उत्सव के समापन और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरे का हिस्सा होगा।विसर्जन की तैयारियां और परंपराजिले के फतेहपुर शहर, खागा, बिंदकी, और ग्रामीण क्षेत्रों में मंदिरों, पंडालों और ग्राम सभाओं में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए तैयार किया जा रहा है।भक्तों ने नवरात्रि के पहले दिन से मूर्ति स्थापना, दैनिक पूजन, कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के साथ उत्सव मनाया। अब विजयादशमी पर मां की प्रतिमाओं को नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों में विसर्जित किया जाएगा। स्थानीय पंडितों के अनुसार, विसर्जन का शुभ मुहूर्त प्रातः काल से दोपहर तक रहेगा, और कुछ स्थानों पर सायंकाल में भी विसर्जन होगा।फतेहपुर के गंगा किनारे ओम घाट, नौबस्ता घाट, कोतला घाट और अन्य जलाशयों पर विसर्जन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की मूर्तियों के बजाय मिट्टी की मूर्तियों के उपयोग को प्रोत्साहित किया है। साथ ही, विसर्जन स्थलों पर सफाई और सुरक्षा के लिए नगर पालिका और पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी।भक्तों में उत्साह, दशहरा उत्सव की तैयारी महानवमी पर कन्या पूजन और प्रसाद वितरण के बाद भक्त अब विजयादशमी के उत्सव की तैयारियों में जुट गए हैं। फतेहपुर शहर के प्रमुख मैदानों में रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन होगा, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। स्थानीय निवासी लाल सिंह मौर्य, शमसेर यादव ने कहा, “मां दुर्गा का विसर्जन हमारे लिए भावुक पल होता है, लेकिन यह विश्वास है कि मां अगले वर्ष फिर लौटेंगी। दशहरा उत्सव हमें एकजुटता और सकारात्मकता का संदेश देता है।”सामाजिक और धार्मिक पंडित शैलेन्द्र (बउवा) जी ने बताया, “मां दुर्गा का विसर्जन नवरात्रि की पूर्णता का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि हर शुरुआत का अंत होता है, लेकिन यह अंत नई शुरुआत की नींव रखता है।” उन्होंने भक्तों से अपील की कि विसर्जन के दौरान पर्यावरण का ध्यान रखें और जलाशयों को प्रदूषित करने से बचें। जिला प्रशासन ने विसर्जन के लिए शांतिपूर्ण और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

 डीएम फतेहपुर ने कहा, “हम भक्तों से अनुरोध करते हैं कि विसर्जन के दौरान निर्धारित स्थानों का उपयोग करें और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहें।जिले में मां दुर्गा की विदाई के साथ दशहरे का उत्सव भक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता का संदेश लेकर आएगा। भक्तों का मानना है कि मां की कृपा से आने वाला वर्ष सुख-समृद्धि से भरा होगा।

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