पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव मेला में शनिवार को हुए कुश्ती दंगल में पहलवानों ने कुश्ती कला के दांव-पेंच दिखाए। कई दर्जन कुश्तियां लड़ी गई, अंतिम कुश्ती बराबरी पर छूटी। मेला पहलवानों ने भी कुश्ती लड़ी।


 फरह। पं. दीनदयाल स्मृति महोत्सव मेला में शनिवार को हुए कुश्ती दंगल में पहलवानों ने कुश्ती कला के दांव-पेंच दिखाए। कई दर्जन कुश्तियां लड़ी गई, अंतिम कुश्ती बराबरी पर छूटी।  मेला पहलवानों ने भी कुश्ती लड़ी।
   दंगल का शुभारंभ निदेशक सोनपाल एवं आयोजक शोभाराम शर्मा ने पहलवानों का हाथ मिलवाकर किया। सेवा केंद्र परिसर में आयोजित दंगल में पहलवानों ने कुश्ती के दांव दिखाकर विपक्षी को धूल चटाई। अंतिम कुश्ती 11 हजार रुपये के लिए पहलवान श्यामवीर कुण्डौल और शिवा पीपल अखाडा मथुरा के मध्य हुई। जबकि दूसरी अंतिम कुश्ती बिट्टू और राजेश के मध्य हुई। 
तय समय तक दोनों जोडियों के दोनों पहलवान एक- दूसरे को पटकनी देने में जुटे रहे, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद निर्णायकों ने दोनों कुश्तियां बराबरी पर घोषित कर दी। दंगल में मथुरा जनपद सहित राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों के पहलवानों ने दम पर दिखाया।
निर्णायक की भूमिका रामवीर पाठक, रविन्द्र चौधरी, निहाल सिंह, ब्रजमोहन, भगवानसिंह आदि ने निभाई। दंगल संयोजक सुल्तानसिंह तरकर, डा. दिनेश सिंह, जगमोहन पाठक, हरिओम पाठक, महीपाल सिंह, महेश पचौरी, अशोक शर्मा, रामनरेश उपाध्याय, विष्णु शुक्ला, धर्मेंद्र भोला, लाल सिंह, गोविंद प्रधान, पारस ठाकुर आदि मौजूद रहे।

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