आधुनिक भारत के निर्माता, नारियों के मुक्तिदाता, भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार , नॉलेज ऑफ सिंबल , बुद्ध के उपासक, समता मूलक समाज की स्थापना करने वाले, बोधिसत्व बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की 134 वी जयंती बड़े धूमधाम से हर्षोल्लास के साथ पूरनपुर पब्लिक इंटर कॉलेज कॉलेज से कोतवाली कोतवाली से स्टेशन चौराहा स्टेशन चौराहा से तिरंगा चौराहे से होते हुए पकड़िया चौराहा बाद में पब्लिक इंटर कालेज पर जनसभा होगी में 14 अप्रैल 2025 दिन सोमवार को डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह समिति के तत्वावधान में मनाई जा रही है। शोभा यात्रा पूरनपुर मुख्य मार्ग पब्लिक इंटर कॉलेज से 12:00 बजे शुरू होगी। पब्लिक इंटर कॉलेज से कोतवाली चौराहा पहुंचेगी। कोतवाली चौराहा से तहसील, स्टेशन रोड होते हुए स्टेशन चौराहा, स्टेशन चौराहा से तिरंगा चौराहा, तिरंगा चौराहा से होते हुए रामकृपाल की दुकान से होते हुए पब्लिक इंटर कॉलेज पूरनपुर में लगभग 2:30 बजे अपराहन में समापन होगा। शोभा यात्रा के दौरान कई जगह पर सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई है। शोभा यात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली जाएगी । शोभा यात्रा में बहुजन महापुरुषों की झांकियां एवं डीजे और फूलों की बरसात होती रहेगी । शोभा यात्रा में हम सब का उत्तरदायित्व है की परिवार के साथ भारी संख्या में उपस्थित रहें। शोभा यात्रा के उपरांत पब्लिक इंटर कॉलेज पुरनपुर में 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, वक्ताओं के बोलने का कार्यक्रम होगा । विद्वान वक्ताओं द्वारा बाबा साहब के जीवन संघर्ष और आधुनिक भारत में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम में आए सभी सम्मानित आगंतुकों के लिए सूक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई है हम सब बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के कार्यों के ऋणी हैं।भारत के सभी समुदायों के कमजोर वर्ग के लोगों को जीवन की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने पूरी जिंदगी अपमान सहकर उनके उत्थान के लिए कार्य किया है । अगर भारत में बाबा साहब जैसे महा मानव ने जन्म नहीं लिया होता तो इस देश के शोषित पीड़ित हक वंचित समाज के लोगों की दशा क्या होती इसकी मात्रा हम सब लोग कल्पना कर सकते हैं । क्या हम सब का उत्तरदायित्व नहीं है कि समाज की अस्मिता को बचाने के लिए , बाबा साहब के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए, आगे आने का काम करें। बाबा साहब की बदौलत हम लोग बड़ी-बड़ी कोठियां में रहते हैं । लग्जरी गाड़ियों में चलते हैं। बिसलरी का पानी पीते हैं । अच्छे-अच्छे पदों पर सरकारी नौकरियां करते हैं। क्या हम लोगों का उत्तरदायित्व नहीं है कि जो समाज के लोग पीछे छूट गए हैं उनके लिए कुछ काम किया जाए। जैसे होली और दीपावली के अवसर पर हम अपनी बहन बेटियों को घर बुलाते हैं उनको पूड़ी कचौड़ी गुजिया नाना प्रकार के पकवान बनाकर खिलाते हैं वैसे ही बाबा साहब के जन्म दिवस पर हम सब अपनी अपनी बहन बेटियों को घर बुलायें । उनका आदर सत्कार करें नए-नए कपड़े खरीदे , घरों को झालरों से सजाएं दीपावली की तरह मोमबत्तियां जलायें। और खुशियों का जश्न मनायें । हम सब लोग गिले शिकवे को भूलकर बाबा साहब के इस जन्मोत्सव को बड़ी धूमधाम से मनाए गले मिलें दें।
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