Rajasthan जीप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति उसकी पत्नी और छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।


Rajasthan जीप की चपेट में आने से मोटरसाइकिल सवार एक व्यक्ति उसकी पत्नी और छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई। हादसा राजस्थान के डूंगरपुर में हुआ। परिजनों ने शव लेने से इन्कार कर दिया और धरने पर बैठ गए।

उदयपुर, संवाद सूत्र। राजस्थान के डूंगरपुर जिले में रविवार रात तेज रफ्तार जीप ने एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचल दिया। मौके पर हुई मौत के बाद परिजनों ने उनके शव लेने से इन्कार कर दिया। इसके चलते घटना के दूसरे दिन सोमवार को भी उनके पोस्टमार्टम नहीं हो पाए। परिजन हादसे के लिए जिम्मेदार बताए जा रहे जीप चालक से मौताणे की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए। पुलिस-प्रशासन के दिन भर चले प्रयासों के बावजूद अभी तक समझाइश नहीं हो पाया।

डूंगरपुर जिले के पोहरी पटेलाइन पुलिस के समीप रविवार रात साढ़े नौ बजे एक तेज रफ्तार जीप ने बाइक से आ रहे दंपती और उनके बेटे को कुचल दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पहचान रस्तापाल निवासी मोहन (45) पुत्र शंकर, उसकी पत्नी कली (43) और बेटा रोहित (6) के रूप में हुई। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लेकर गई, लेकिन परिजनों ने जब तक मौताणे की रकम नहीं मिलती तब तक शव लेने से इन्कार कर दिया।

 

चौरासी थानाधिकारी भेमजी गरासिया का कहना है कि जिस जीप से हादसा हुआ, उसे जब्त कर लिया है। हादसे के बाद जीप चालक उसे छोड़कर भाग निकला। उसके चालक का पता लगाया जा रहा है। मृतक के परिजनों से समझाइश की जा रही है, लेकिन अभी भी वह मौताणे की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। इसके चलते घटना के एक दिन बाद भी सोमवार को मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। फिलहाल शव जिला अस्पताल की मोर्चरी में हैं।

शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे दंपती

पुलिस ने बताया कि हादसे में मृत दंपती मोहन और उसकी पत्नी कली बाई रिश्तेदारी में आयोजित शोकसभा में भाग लेने भींडा गांव जा रहे थे। उन्होंन अपने छह साल के बेटे को भी साथ ले लिया था। मोहन की चौदह वर्षीय बेटी शिल्पा और 11 वर्षीय बेटे अनिल को अभी तक अपने माता-पिता की हादसे में मौत की जानकारी नहीं दी गई है। बताया गया कि मोहन अपने छोटे भाइयों सुखलाल, धीरज और पिता शंकर रोत के साथ मजदूरी पर जाता था।

जानें, क्या है मौताणा, पुलिस अभी तक नहीं लगा पाई रोक

मौताणा राजस्थान के आदिवासी समुदाय में चालू कुप्रथा है। जिसमें मौत के बदले राशि लेने की प्रथा है। कानूनन इस कुप्रथा पर रोक है, लेकिन इसके बावजूद राजस्थान के आदिवासी इलाकों में यह जारी है। यहां तक जनप्रतिनिधि तथा पुलिस अधिकारियों का प्रयास रहता है कि मौताणा का मामला जल्द से जल्द निपट जाए। इसके चलते इस प्रथा पर अभी तक रोक नहीं लग पाई। मौताणे की मांग को लेकर परिवार ही नहीं, बल्कि समूचे गांव के लोग इसमें शामिल हो जाते हैं और दूसरी पार्टी जिसे वह किसी भी सदस्य की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं, उस परिवार के पैसा नहीं दिए जाने पर उनके घरों पर ही नहीं, बल्कि उसके रिश्तेदार और गांव पर हमला कर देते हैं। इस तरह की घटनाएं उदयपुर संभाग के आदिवासी क्षेत्र में अकसर होती रहती हैं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।

Tags:

Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।