यावती ने ट्वीट करते हुए कहा देश को समर्पित होने वाले कार्यक्रम अर्थात नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण मुझे प्राप्त हुआ है किन्तु पार्टी की लगातार समीक्षा बैठकों सम्बंधी अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण मैं उस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी।


नए संसद भवन के पीएम मोदी द्वारा उद्घाटन का कांग्रेस, टीएमसी, राजद समेत 19 पार्टियों ने विरोध किया है। 28 मई को होने वाले उद्घाटन समारोह का इन पार्टियों ने बहिष्कार करने की बात कही है। उन्होंने मांग की है कि इसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा किया जाना चाहिए।

वहीं, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि अगर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला नए संसद भवन का उद्घाटन नहीं करेंगे, तो उनकी पार्टी इसका विरोध करेगी। वहीं अब इस पूरे मामले में बसपा सुप्रीमो मायावती भी कूद गई हैं। हालांक‍ि मायावती ने सरकार का इस मामले में समर्थन किया है। 

 

 

मायावती बोलीं- सरकार के पास उद्घाटन का हक

मायावती ने नए संसद भवन के उद्घाटन को लेकर ट्वीट किए हैं। मायावती ने कहा है क‍ि केन्द्र में पहले चाहे कांग्रेस पार्टी की सरकार रही हो या अब वर्तमान में बीजेपी की, बीएसपी ने देश व जनहित निहित मुद्दों पर हमेशा दलगत राजनीति से ऊपर उठकर उनका समर्थन किया है तथा 28 मई को संसद के नये भवन के उद्घाटन को भी पार्टी इसी संदर्भ में देखते हुए इसका स्वागत करती है।

मायावती ने आगे लिखा क‍ि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी द्वारा नए संसद का उद्घाटन नहीं कराए जाने को लेकर बहिष्कार अनुचित। सरकार ने इसको बनाया है इसलिए उसके उद्घाटन का उसे हक है। इसको आदिवासी महिला सम्मान से जोड़ना भी अनुचित। यह उन्हें निर्विरोध न चुनकर उनके विरुद्ध उम्मीदवार खड़ा करते वक्त सोचना चाहिए था। 

''मुझे निमंत्रण प्राप्‍त हुआ है लेकिन मैं...''

मायावती ने इसके बाद एक और ट्वीट करते हुए लिखा क‍ि देश को समर्पित को होने वाले कार्यक्रम अर्थात नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का निमंत्रण मुझे प्राप्त हुआ है, जिसके लिए आभार और मेरी शुभकामनायें। किन्तु पार्टी की लगातार जारी समीक्षा बैठकों सम्बंधी अपनी पूर्व निर्धारित व्यस्तता के कारण मैं उस समारोह में शामिल नहीं हो पाऊंगी।

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