मुगल बादशाह अपने महलों में हिजड़े क्यों रखते थे?


किन्नरों को हरम में रखने का चलन अकबर ने शुरू किया था, किन्नर उनकी कई सेनाओं के सेनापति भी थे तो कई बेगमों के पर्सनल बॉडीगार्ड भी। हरम में रहने वाली कही महिलाये इनसे डरती भी थी क्योंकि बादशाह उनकी बातो से ज्यादा किन्नरों पर भरोसा करते थे इन किन्नरों पर जो मुख्य दरोगा होता था उसे ख्वाजसरा कहते थे खावज्सर कही बार उन पुरषों को भी बनाया गया जिनके लिंग को काट दिया जाता था और किन्नर बना दिया जाता था इनकी बकायद मनसबदारी मिलती थी राजदरबार में

अकबर ने अपने एक धायभाई अधम खां की हत्या इन्ही लोगो से करवाई थी

मुगल हरम में किन्नरों को हरम में रहने वाली स्त्रियों पर निगरानी और सुरक्षा के लिए रखा जाता था। ताकि हरम में रहने वाली ओरतें किसी ओर के साथ संबंध स्थापित ना कर सके और ना मिल सके। जिसमे की बादशाह की इज्जत पर कोई आंच आये। इस लिए किनर हमेशा निगरानी करते थे। हरम की पल-पल की खबर इन्ही किन्नरों के द्वारा बादशाह तक पहुँचती थी! हरम में बहुत सारी महिलाओं को रखा जाता था तो कोई गैरमर्द हरम में न आये और किन्नर होने से बादशाह इस चीज के लिए बेखौफ रहता था। बादशाह को अपने पुरुष सैनिकों पर भरोसा नहीं होता था साथ ही उससे ज्यादा उन्हें अपनी रानीयों और दासियों पर भी भरोसा नहीं होता था! क्योंकि कही महिलाओं को जबरदस्ती हरम में लाया जाता था तो उन्हें डर रहता था कि ये कहीं सैनिकों के साथ ही सम्बन्ध स्थापित ना कर ले या भाग जाए, इस कारण वे सैनिक तैनाती से बचते थे! हरम में बड़ी संख्या में किन्नरों की तैनाती की जाती थी. किसी भी बाहर से आने वाले इंसान को आंख पर पट्टी बांध कर लाना और उसे बाहर तक छोड़ना, उनकी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा था जैसे कोई चिकत्सक हो बाकी अन्य किसी पुरुष को हरम में आने की अनुमती नही होती थी. उस समय किन्नर युद्ध कला में और हथियार चलाने में भी माहिर होते थे. तो किन्नरो हरम की सुरक्षा के लिए रखे गए थे ये हरम की हिफाजत के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे।, वो किसी भी योद्धा को मारने की क्षमता रखते थे।हरम में तैनात करने से पहले उन्हें पूरा ट्रेनिंग दिया जाता था

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