शिक्षक मौलवी बच्चों को दे रहा था गलत रुप से तालीम


शिक्षक मौलवी बच्चों को दे रहा था गलत रुप से तालीम

स्थान -
बहराइच/सरायजगना


खबर जनपद बहराइच थाना फखरपुर के वजीरगंज के सरायजगना का है जहा मदरसे में तैनात शिक्षक मोहम्मद रफीक पिछले 4वर्षो से बच्चों को मदरसे में शिक्षा देते आ रहे हैं। वही आज स्थानीय लोगों ने तरह तरह के कयास लगाते हुए कहा कि मदरसे में तैनात शिक्षक की गतिविधियां ठीक नहीं है बच्चो को गलत तालीम देता है वही लोगो ने शिक्षक को गलत घोषित कर दिया मदरसा कमेटी ने शिक्षक मौलवी को बाहर निकाला दिया।
लोगो से जानकारी ली तो बताया गया शिक्षक मौलवी बच्चों को गलत रुप से तालीम देता था जिससे हमारे बच्चों का भविष्य अंधेरे में डूब जायेगा।

बीओ -
मामला जनपद बहराइच थाना क्षेत्र फखरपुर के वजीरगंज के सरायजगना का है जहा मदरसे में तैनात शिक्षक को लोगो ने पहले तो गलत ठहराया फिर मस्जिद से नमाज अदा करने पर रोक लगाया बाद में मदरसे से बाहर निकाल दिया। जहा हम अध्यापक को भगवान की जगह देते हैं वही आपसी रंजिश के चलते हुए मदरसे के मास्टर को गांव के कुछ चुनिंदा लोगों ने आतंकवादी  बता डाला वही पूरा गांव और गांव के छोट छोट बच्चे जो कि मदरसे मे ज्ञान अर्जित करने जाते हैं उन्होंने मदरसे के अध्यापक को रोकने के लिए लिए भरपूर जोर लगा दिया ये पूरा मामला करीब 15 दिनों का बताया जा रहा है वही मदरसे को बना कर उसका कार्यभार देखने वाले सदस्य का कहना है कि जब मदरसे के अध्यापक पर आतंकवादियों का आरोप लगाया गया और बच्चो को देशद्रोही बनाने उन्हें सही शिक्षा  ना  प्रदान कराने का आरोप लगा तो अध्यापक ने मदरसे मे ना पढ़ाने का निर्णय लिया जब कि गांव के लोग ऐसा नहीं चाहते थे तो उन्होंने एक छप्पर रख कर दिया और कहा जब तक कुछ निर्णय ना हो जाए आप यहा पढ़ाए उस पर भी गांव के कुछ चुनिंदा लोगों ने आरोप लगाया है वही गांव के बच्चों और उनके माता पिता का कहना है कि अध्यापक सुबह 7 बजे से 9 बजे तक छप्पर मे मदरसा चलता हैं और उसके बाद बचे अपने स्कूल चले जाते हैं फिर वो चाहे सरकारी स्कूल हो या प्राइवेट वहां जा कर ज्ञान अर्जित करते हैं  अध्यापक को हर महीने करीब आठ हजार रुपये दिए जाते हैं वही गांव वालों का कहना है कि बच्चे की फीस जो कि केवल सो रुपया है अब एक घर से एक बच्चा जाए या चार पर फीस केवल सो रुपया ही रहेगी।
पुलिस प्रशासन को सब कुछ पता होने के बाद भी अध्यापक और गांव के लोगों की कोई सुनवाई नहीं हुई। गांव के सभी लोगों का यही कहना है कि इतने कम पैसो मे कोई नहीं पढ़ाता पढ़ने की बात हटा दो पर आपसी रंजिश मे गुरु को कोई आतंकवादी  या देस द्रोही नहीं कहता गांव के छोटे छोटे बच्चों को न्याय माँगना पड रहा है कुछ लोगों की वजह से और प्रशासन मौन। वही बच्चों में तालीम की जगह नफरत फैलाने का काम किया जा रहा था। मदरसे के शिक्षक ने गांव में ही अवैध रूप से दूसरा मदरसा संचालित किया। गांव के लोगों ने विरोध कर थाने में लिखित तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। वही पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया।आपसी समझौते के बाद भी कोई बात नही बनी तो दोनों पक्षों को पुलिस ने पाबंद किया।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।