पुलिस हिरासत से भागा 50 हजार का इनामी अनिल पैंदा गिरफ्तार,पुलिस हिरासत से भागा 50 हजार का इनामी अनिल पैंदा गिरफ्तार


पुलिस हिरासत से भागा 50 हजार का इनामी अनिल पैंदा गिरफ्तार,पुलिस हिरासत से भागा 50 हजार का इनामी अनिल पैंदा गिरफ्तार

 

गाजियाबाद/लोनी। गाजियाबाद कचहरी परिसर में पुलिस हिरासत से भागे 50 हजार के इनामी बदमाश अनिल पैंदा को पुलिस ने सहारनपुर बार्डर विकास नगर रोड पीर के पास से शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की टीम यतेंद्र उर्फ अनिल पैंदा को उसके बताए स्थान पर अवैध असलाह बरामद कराने ले गई तो मौका पाकर उसने बंथला नहर रोड पर लोनी बार्डर थाना प्रभारी से पिस्टल छीनकर एसआई को गोली मार दी, गोली हाथ पर लगी। इसके बाद हुई मुठभेड़ में अनिल के पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे दोबारा पकड़ लिया।

अनिल पैंदा हिरासत से फरार होने के 60 दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा है। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सितंबर से अनिल की तलाश की जा रही थी। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने अवैध हथियार बंथला रोड पर एक स्थान पर छुपा रखा है। पुलिस टीम हथियार बरामद कराने उसे बंथला नहर रोड पर ले गई। यहां अनिल फिर पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। मौका पाकर उसने थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह पंवार की सरकारी पिस्टल छीन ली। भागने के प्रयास में उसने दो राउंड फायरिंग कर दी। बदमाश की गोली वहां खड़े एसआई करनवीर सिंह के हाथ में लगी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अनिल पैंदा के पैर में गोली लगी। पुलिस ने घायल बदमाश और सब-इंस्पेक्टर को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बदमाश की निशानदेही से पालीथिन में लिपटा एक तमंचा और चार कारतूस बरामद किए हैं।

 

अधिवक्ताओं ने पुलिस से था छुड़ाया

कोतवालपुर गांव में किसान श्योराज कसाना की बीते 30 जनवरी 2021 को घर में घुसकर गोली मारकर हत्या की गई थी। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अनिल पैंदा के भाई सुरेंद्र उर्फ चिड़िया, दीपक, मृतक के दामाद त्रिलोकी और एक महिला वंदना शर्मा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सभी आरोपी अलग-अलग जेल में हैं। इस केस में गाजियाबाद कोर्ट में एक सिंतबर को गवाह सनोज की गवाही होनी थी। कोर्ट परिसर में अनिल पैंदा गवाहों को धमकाने के लिए पहुंचा था। यहां पुलिस ने गवाहों की शिकायत पर अनिल पैंदा को हिरासत में लिया था। इस दौरान अधिवक्ताओं ने अनिल पैंदा को हिरासत से जबरन छुड़ा लिया था। तब से वह फरार चल रहा था।

छिपने के लिए सहारनपुर उत्तराखंड बार्डर पर बनाया मकान

अनिल पैंदा पर 35 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका हैं। अनिल पैंदा फरारी के दौरान अपने ठिकाने बदलता था। उसने करीब दो साल पहले सहारनपुर उत्तराखंड बार्डर पर करीब 200 गज का मकान बनाया था। मकान में निर्माण कार्य चल रहा है। पुलिस के अनुसार गाजियाबाद कोर्ट से फरार होने के बाद अनिल परिवार के सदस्यों के साथ उस मकान में रह रहा था। पुलिस को मुखबिर से उसकी सूचना मिली।

पुलिस को देखकर चौंका फिर बोला चलो ले चलो

अनिल पैंदा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें प्रयास कर रही थी। एसपी देहात की टीम ने जब अनिल पैंदा के घर दबिश दी तो वह चौक गया। पुलिस को देखकर वह बोला, यहां भी पहुंच गए, चलो ले चलो। इससे पहले पुलिस ने जब अनिल पैंदा को निठोरा गांव से गिरफ्तार किया था, तो परिवार के लोगों ने विरोध किया था।

बागपत, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में हैं 35 मुकदमे

37 साल के अनिल पैंदा पर हत्या, हत्या की कोशिश, गैंगस्टर, लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने समेत कई अन्य मामलों के 35 मुकदमे दर्ज हैं। सबसे पहले वर्ष 2009 में लूट का मुकदमा ग्रेटर नोएडा में दर्ज हुआ था। इसके अलावा गाजियाबाद के लोनी, मसूरी, बागपत के खेकड़ा, कविनगर, ट्रॉनिका सिटी थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं।

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