जिगरी दोस्त था पर बहन पर गंदी नजर रखता था...मार दिया, आरोपी ने पुलिस के सामने कबूला जुर्म


उत्तर प्रदेश के बागपत में बड़ौत क्षेत्र में शनिवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई और शव गांव के बाहर जंगल में फेंक दिया। शव की पहचान सन्नी तोमर (24) के रूप में हुई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को दबोचा लिया। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए रविवार शाम को बड़ौत-मेरठ मार्ग पर जाम लगा दिया। इस दौरान उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सीओ के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। वहीं पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि सन्नी उसका जिगरी दोस्त था लेकिन वह गलत कर रहा था। उसे कई बार रोका भी गया लेकिन नहीं माना। उसकी हरकतों की यही सजा था। सन्नी तोमर पुत्र संजीव वाजिदपुर गांव का रहने वाला था। शनिवार रात आठ बजे गांव के ही धीरज उर्फ छोला पुत्र तेजपाल व अन्य तीन युवक उसे घर से बुलाकर ले गए। बाद में उसके सीने में दो गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। गांव के बाहर जंगल में शव फेंककर चारों आरोपी मौके से फरार हो गए।

सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक के चाचा राजीव ने अज्ञात में तहरीर दी। कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए धीरज उर्फ छोला को अमीनगर सराय रोड से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद करते हुए हत्याकांड का खुलासा कर दिया। सन्नी की हत्या के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के बडे़ भाई निखिल, बड़ी बहन साक्षी, मां मीनू व पिता संजीव सहित परिवार की अन्य महिलाओं व युवतियों का रोते हुए बुरा हाल हो रहा था। पुलिस द्वारा सन्नी हत्याकांड में पकड़े गए हत्यारोपी धीरज ने बताया कि सन्नी अच्छा दोस्त था। पिछले छह-सात माह से घर पर आना-जाना था। आरोप लगाया कि सन्नी बहन पर गंदी नजर रखने लगा, उसे कई बार समझाया भी, लेकिन वह नहीं माना। जिसके बाद उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। धीरज ने बताया कि कई बार मना करने के बाद भी जब सन्नी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया तो मां शकुंतला ने उसे घर पर न आने को कहा था। इस दौरान एक सप्ताह पूर्व उसकी मां और सन्नी के बीच झगड़ा हो गया था। जिस समय पुलिस हत्या की सूचना पर गांव पहुंची तो जिस जगह सन्नी का शव पड़ा मिला था, उसी जगह पर पुलिस को शराब की खाली बोतलें पड़ी मिली थीं। पुलिस का दावा है कि पहले दोनों ने बैठकर शराब पी थी, उसके बाद किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद आरोपी ने हत्या की घटना को अंजाम दिया।  दो युवक घायल सन्नी को सीएचसी पर लेकर गए थेद्घ जिसके बाद युवकों ने इसकी सूचना पुलिस व सन्नी के परिजनों को दी। परिजनों का आरोप है कि जब सन्नी को गोली लग गई थी, तो उक्त युवकों ने हमें सूचना क्यों नहीं दी। आरोप लगाया कि आरोपियों ने बचने के लिए ऐसा किया। फिलहाल पुलिस ने उक्त युवक को हिरासत में ले लिया है और उसने पूछताछ की जा रही है। हत्यारोपी धीरज घटना के बाद छिपने के लिए अमीनगर सराय रोड पर पहुंच गया था। इस दौरान तेज गति से बाइक चलाते समय धीरज का का एक्सीडेंट हो गया था और वह घायल हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने तलाश कर आरोपी को धर दबोचा। सीओ युवराज सिंह ने बताया कि सन्नी लगभग पांच साल पहले दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर हुई एक लूट की मामले में जेल गया था। घटना के तीन माह बाद भी सन्नी जेल से छूटकर बाहर आ गया था। उधर मृतक के चाचा ने बताया कि पांच साल पहले दिल्ली रोड पर सन्नी का किसी से झगड़ा हो गया था, इस मामले में पुलिस ने बिना जांच किए उसको लूट के मामले में जेल भेज दिया था।  मृतक सन्नी की मां मीनू और उसके चाचा राजीव का कहना है कि सन्नी को अकेले धीरज ने नहीं मारा है, उसके साथ तीन युवक और भी शामिल हैं। जिन्हें पुलिस बचाना चाह रही है। किसी षड्यंत्र के तहत ही सन्नी की हत्या की गई है। धीरज द्वारा बहन पर गंदी नजर रखने का आरोप बिल्कुल गलत है। पुलिस को इसकी जांच कर अन्य आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए।  सन्नी तोमर का धीरज के घर काफी समय से आना जाना था। दोनों अच्छे दोस्त थे। बताया कि सन्नी आरोपी धीरज की बहन पर गंदगी नजर रखा था। इसलिए आरोपी ने उसे गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। पूछताछ में आरोपी ने इस बात का खुलासा किया है। 


 

 

 

 

 

 

 

 

 




 

 



 

 



 

 

 

 

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