पीलीभीत/बीसलपुर। मोहल्ला ग्यासपुर निवासी शादाब की मौत पिटाई के कारण गुर्दे पर आई चोटा के कारण ही मौत हुई। डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में भी इसकी पुष्टि हुई है। बीसलपुर पुलिस रिपोर्ट दर्ज न कर सुबह तक हार्ट अटैक से मौत होने की बात कह रही थी। गुस्साए परिजनों ने शाम को शादाब का शव ले जाकर कोतवाली के गेट पर रख दिया और प्रदर्शन किया। अधिकारियों की दखलंदाजी पर पुलिस ने दो नामजद समेत चार आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। इसके बाद परिजनों ने शव को ले जाकर सुपुर्द ए खाक किया। मोहल्ला ग्यासपुर निवासी शादाब (17) शुक्रवार को दोपहर डेढ़ बजे नूरी मस्जिद में नमाज पढ़ने गया था। यहां उसका कुछ लड़कों से बैठने व शोर मचाने को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर चारों लड़कों ने शादाब की बेरहमी से पिटाई कर दी। वह मस्जिद के बाहर बेहोश होकर गिर पड़ा। डॉक्टरों ने भर्ती नहीं किया, तो परिजन उसे बरेली ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। देर शाम परिजन शव घर लेकर आए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस इस मामले को उलझाना चाह रही थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए तो भेज दिया, लेकिन हार्टअटैक से मौत होने की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज नहीं की। किशोर की हार्ट अटैक से मौत की बात किसी के लगे नहीं उतर रही थी। शनिवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें गुर्दे पर गंभीर चोट लगने और खून जम जाने के कारण मौत की बात सामने आई। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को लेकर बीसलपुर गए और कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने को तैयार नहीं थी। इस पर परिजनों ने शव रखी एंबुलेंस कोतवाली गेट पर खड़ी कर अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मौके पर भीड़ इकट्ठा होने लगे। बात बिगड़ते देख पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। राशिद खां ठेकेदारी करते हैं। उनका छह बच्चे हैं। सबसे बड़ी पुुत्री रिफा की शादी हो गई। जबकि उससे छोटे शादाब, सिदरा, सना, आसमा, इफरा हैं। सबसे छोटा पुत्र शाहन है। शादाब परिवार में सबका दुलारा होने के साथ ही पिता का हाथ बटाने के लिए एक किराना स्टोर की दुकान पर काम करता था।
गैर इरादतन हत्या की तहरीर मांगने पर भड़की भीड़
शादाब के पिता राशिद खां ने अपने अधिवक्ता ज्ञानेंद्र कुमार के साथ पुलिस को हत्या की तहरीर दी। इस पर इंस्पेक्टर क्राइम अरुण कुमार ने इसे बदलकर गैर इरादतन हत्या की तहरीर मांगी। अधिवक्ता ने तहरीर बदलने से मना कर दिया। गेट पर जुटी भीड़ ने इस पर हंगामा कर दिया। आक्रोशित भीड़ बस स्टैंड चौराहे पर चक्का जाम करने पहुंच गई। तभी पुलिस ने स्टैंड पर पहुंचकर लोगों को समझाया और उसी तहरीर पर तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन दिया। तब भीड़ शांत हुई और कोतवाली गेट पर इकट्ठी हो गई और रिपोर्ट दर्ज होने के बाद ही हटी। रिपोर्ट में मोहल्ले के ही आकिब, आशिव को नामजद किया गया है, जबकि दो अज्ञात हैं। नामजद दोनों आरोपी सगे भाई हैं।
तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर साक्ष्य इकट्ठा कर कार्रवाई की जाएगी। - दिनेश कुमार पी., एसपी
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