शालिनी पटेल के  नेतृत्व में विभिन्न मांगो को लेकर  सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को दिया संबोधित ज्ञापन 


शालिनी पटेल के  नेतृत्व में विभिन्न मांगो को लेकर  सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को दिया संबोधित ज्ञापन 

अंकिता  के हत्यारे शारुख को  फांसी दो

सुनीता के साथ जघन्य अपराध करने बीजेपी नेत्री सीमा पात्रा को फांसी दो

बांदा। देश में बढ़ रहे महिला, बाल अपराध से लेकर रोजगार, जातिभेद, अराजकता पर रोक लगाए जाने संबंधी बिंदुओं से लैस ज्ञापन महामहिम राष्ट्र फसीपति को संबोधित जिलाधिकारी के द्वारा समाजसेवी शालिनी पटेल की अगुवाई में सैकड़ों लोगों के साथ दिया गया। छह बिंदीय ज्ञापन में जिले में जघन्य अपराधों पर मुकदमे दर्ज न किए जाने के कारण न्यायालय का दरवाजा खटखटाने सहित हजारों लोग पालीथिन की पन्नी डालकर फुटपाथ पर रहने वालों के लिए कोई निश्चित जगह आवंटित करने के अलावा शहर की कांशीराम कालोनियों में अराजकतत्वों के जमावड़ा सहित अनैतिक काम किए जाने सहित अपात्रों को हटाकर पात्र लोगों को आवंटित किया जाना जरूरी कहा गया। 
जिलाधिकारी के द्वारा महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में झारखंड की यूपी अंकिता सिंह को जिंदा जला देने और एक दिव्यांग लड़की को अमानवीय यातनाए देकर मारे जाने सहित पूर्व आइएएस की पत्नी सीमा पात्रा के साथ दुर्व्यवहार और बंधक बनाए जाने की कहानी पर अपराधियों के साथ कार्यवाही किए जाने, कन्नौज जिले में पुलिस द्वारा रिपोर्ट लिखाने गई महिला के साथ अभद्र व्यवहार करने के अलावा बांदा जिले में जघन्य अपराधों पर मुकदमे नहीं दर्ज किए जाने का बिंदु दर्शाते कहा गया है कि सैकड़ों मुकदमे इस बात का प्रमाण है कि पुलिस व्यवस्था की कार्यप्रणाली व्यवसायी हो गई है। जब मुकदमे नहीं लिखे जाते तो मजबूर न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हैं। तहसील अतर्रा के पल्हरी में लगभग 50 से ज्यादा परिवार मजदूरी की तलाश में शहर आते हैं। करीब चार हजार से ज्यादा लोग शहर के  विभिन्न जगहों में पालीथिन की पन्नी डालकर रहते हैं और लघु व्यवसायी व्यवसाय तक नहीं करने पाते क्योंकि उनकी कोई निश्चित जगह आवंटित नहीं की जाती। प्रशासनिक अधिकारियों का तर्क भी ज्ञापन में साझा किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि ऐसे लोगों को आशियाना तो दे दिया गया लेकिन उनके पास घर बनाने की जमीन नहीं है। आशियाना दिलाया जाना जहां जरूरी है। वहीं तमाम जमीनें जो अनर्गल रूप से अवैध कब्जे का शिकार है उन्हें मुक्त कराकर जमीन आवंटित किया जाना आवश्यक है। बसपा शासनकाल में बनाई गई कांशीराम कालोनी और सपा सरकार के आसरा आवास के कालोनियों का हवाला देते हुए ज्ञापन में कहा गया है कि आवासों में अराजकतत्वों का जमावड़ा बना हुआ है। पात्रों कीजगह अपात्रों ने डेरा डाल रखा है। कालोनियों में ऐसे-ऐसे कामों को अंजाम दिया जाता है जो गैर सामाजिक और अनैतिक है। गौरतलब बिंदु का जिक्र करते हुए कहा गया है कि पीने के पानी की व्यवस्था 13 साल हो जाने के बाद नहीं उपलब्ध कराई गई। उपलब्ध कराई गई व्यवस्था में टंकियां उठाकर अराजकतत्व ले गए। पाइपलाइन तोड़कर खराब कर दिया। पुलिस कई बार आवाज उठाने के बाद भी नहीं गई। कोरोना काल के दौरान लघु व्यवसाइयों का व्यापार प्रभावी होने का जिक्र करके बिंदुवार कार्यवाही किया जाना जरूरी है। ज्ञापन देते वक्त मुख्य रूप से आरबी वर्मा, राजेश वर्मा, सुरतिया, दिलीप गुप्ता, कृपाल यादव, रज्जन मंसूरी, जावेदखान, फातिमा बी आदि शामिल थे।

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