कन्नौज। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) 37 दिनों से लापता हैं।


कन्नौज। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) 37 दिनों से लापता हैं। उनके मोबाइल नंबरों पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस कारण विभाग के अलावा अन्य आलाधिकारी भी परेशान हैं। बेटे की तबीयत खराब होने की बात कहकर जुलाई में डीपीओ छुट्टी पर गए थे, तब से नहीं लौटे हैं।
कानपुर जिला निवासी राजेश वर्मा कन्नौज में प्रभारी डीपीओ पद पर तैनात हैं। उनके पास बाल विकास परियोजना हसेरन का भी सीडीपीओ पद का चार्ज है। बेटे की तबीयत बिगड़ने की वजह से वह 23 जुलाई को अवकाश लेकर घर गए थे। बीच-बीच में कर्मचारियों व अधिकारियों की ओर से कई बार प्रभारी डीपीओ के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया पर बात नहीं हो सकी है। मामले की जानकारी सीडीओ आरएन सिंह को भी दी गई है। उन्होंने भी कर्मचारियों से मोबाइल पर संपर्क करने के लिए कहा पर संपर्क नहीं हुआ है। इस बाबत जब प्रभारी डीपीओ राजेश वर्मा का पक्ष जानने के लिए उनके दोनों मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया, तो बात नहीं हो सकी। उधर, बाल विकास एवं सेवा पुष्टाहार विभाग में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को दो-दो साड़ियां दी जानी हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी के कार्यालय में लखनऊ से साड़ियों के बंडल भी आ चुके हैं। उनका भी सत्यापन होना है। उसके बाद उनका वितरण होगा। सीडीओ आरएन सिंह का कहना है कि प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश वर्मा से अब तक संपर्क नहीं हो सका है। इसको लेकर डीएम की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है।

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अधिकारी के न होने से यह हैं समस्याएं
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-अधिकारियों व कर्मचारियों को जून का वेतन नहीं मिला है।
-सीडीपीओ ग्रामीण के पास अतिरिक्त चार्ज होने की वजह से दोनों जगह का कामकाज प्रभावित है।
-अन्य विभागीय काम और फाइलों में हस्ताक्षर नहीं हो पा रहे हैं।
-हर ग्राम पंचायत में राष्ट्रीय पोषण माह एक से 30 सितंबर तक चलेगा।
-आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सामग्री खरीदी जानी हैं, जो प्रक्रिया ठप है।

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