मेरठ जनपद के हस्तिनापुर में PNB बैंक के मैनेजर की आठ माह की गर्भवती पत्नी और पांच साल के बेटे की हत्या के मामले में
पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
खैर चेयरमैन ने रची पूर्व विधायक की हत्या की साजिश, पुलिस ने संजीव अग्रवाल समेत छह दबोचे
खैर के पूर्व विधायक प्रमोद गौड़ की हत्या साजिश रचने में खैर नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल उर्फ बिंटू सहित छह लोग बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिए गए। संजीव पर बुलंदशहर के हिस्ट्रीशीटर शूटर गैंग को हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी देने का आरोप है। उनकी अचानक हुई गिरफ्तारी से जिले के सियासी खेमे में हलचल मच गई। पुलिस ने आनन-फानन सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। एसपी देहात पलाश बंसल के अनुसार 27 अगस्त को खैर निवासी पूर्व विधायक व रालोद नेता प्रमोद गौड़ ने खुद को धमकी मिलने का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल बिंटू, उनके करीबी कर्मचारी विकास शर्मा उर्फ बॉबी व नयागंज खुर्जा बुलंदशहर के राजकुमार जाट आढ़ती को नामजद किया गया। जांच में उजागर हुआ कि पिछले दिनों अपनी कालोनी के रास्ते के लिए खैर चेयरमैन संजीव अग्रवाल पर सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जे का आरोप लगा। इसकी शिकायत प्रमोद गौड़ ने शासन स्तर पर की थी। इसी रंजिश में संजीव अग्रवाल ने प्रमोद गौड़ की हत्या की सुपारी राजकुमार आढ़ती के जरिये 25 लाख रुपये में बुलंदशहर के हिस्ट्रीशीटर शूटर गैंग को दी है। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पहले विकास उर्फ बॉबी, राजकुमार जाट के अलावा देवीपुरा बुलंदशहर के संजय शर्मा, राहुल शर्मा उर्फ सोनू व बुलंदशहर सिकंदराबाद छंसियाबाड़ के करन सैनी को भी गिरफ्तार कर लिया। सबसे अंत में शाम करीब 4:30 बजे संजीव अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई। इन सभी को शाम को न्यायालय में पेशी के बाद जेल भेज दिया। तीन और आरोपियों के नाम भी सामने आए हैं, जो फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। खैर के पूर्व विधायक को धमकी मामले में खैर नगर पालिका अध्यक्ष संजीव अग्रवाल द्वारा 25 लाख रुपये की सुपारी दिया जाना उजागर हुआ। छह लोग गिरफ्तार कर जेल भेजे गए हैं। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अलीगढ़। ये सही है कि खैर चेयरमैन खुद को कहीं भी कागजों में भाजपाई नहीं लिखते। मगर जिले के दिग्गज भाजपा नेताओं से उनकी करीबी किसी से छिपी नहीं है। पुलिस ने भी इस मामले में बेहद फूंक-फूंककर कदम रखा। पहले साक्ष्य जुटाए। सुबह उनके करीबी बॉबी को पकड़ा। जब साक्ष्यों का मिलान हो गया। फिर 4:30 बजे पुलिस भेजकर चेयरमैन को थाने बुलाया गया। थाने आते ही बिना किसी देरी के उन्हें तत्काल एसओजी संग एसपी देहात जिला मुख्यालय पर लाए। यह खबर कुछ ही देर में जिले में फैली और सियासी खेमे में हलचल मची। खबर पर थाने से लेकर जिला मुख्यालय पर दीवानी में पेशी के दौरान भीड़ लगी। मगर तब तक देर हो चुकी थी।
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पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है।
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