मीरजापुर जनपद के सदर और चुनार तहसील में 103 गाँव गंगा नदी के बाढ़ से तबाह


मीरजापुर जनपद के सदर और चुनार तहसील में 103 गाँव गंगा नदी के बाढ़ से तबाह हो गये है। इंसान से लेकर पालतू पशुओं की हालात बद से बदतर हो गयी है । पड़ोसी राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से आ रही पानी तबाही का कारण है । बांधों से पानी छोड़ने के बाद गंगा के पानी के खतरे का निशान पार करते ही तटवर्ती इलाकों में खलबली मची है। 

आबादी और फसल और आवागमन बाधित गांव की संख्या 23 है । जबकि किसानो की फसल गंगा बाढ़ से नष्ट होने वाले गाँव की संख्या 79 है। 

राहत की बात है कि अभी पानी स्थिर हो गया है । जिससे लोगों ने राहत की साँस ली है । 

किसी गाँव में पानी भर गया तो किसी गांव के बाहर छोर पर आवागमन मार्ग का सम्पर्क टूट गया । 79 गांवों के बाशिंदों की खेती पूरी तरह से जलमग्न हो गई। गंगा के तेज प्रवाह और हर घंटे बढ़ते जलस्तर से सैकड़ों बीघा फसल प्रभावित होने के साथ जीवन जीने का खतरा मंडराने लगा है।


तीन दिन से चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही मोक्षदायिनी गंगा नदी डूब क्षेत्र इलाकों में लोगों को डराने लगी हैं। रविवार को खतरे के निशान पार करते ही पानी अब अधिकतम फ्लड बिंदु की ओर बढ़त बनाये हुये है। तेजी से बढ़ते इस जलस्तर में गांव की गलियों में पानी भर चुका है लेकिन राहत बस इतना है कि आज पानी स्थिर है । सड़कों पर नाव चल रहे हैं। पानी का कब्जा शहर के आसपास के इलाकों से लेकर देहात के खेतों तक हो गया है। 

गंगा का जलस्तर खतरा बिंदु 77.724 मीटर को पारकर अभी भी 77.08 मीटर पर है ।

Baite ग्राम प्रधान 
स्थानी लोग
अबतक टीवी चैनल से आरिफ खान की रिपोर्ट मिर्जापुर

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