दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को अपने हेडक्वार्टर में बम-डिस्पोजल रोबोट का प्रदर्शन किया. इस रोबोट को संदिग्ध विस्फोटक का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है.


  • आज कई क्षेत्रों में रोबोट का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है. अब दिल्ली पुलिस भी गोला-बारूद और संदिग्ध हथियारों को उठाने के लिए जल्द ही रोबोट का सहारा लेने वाली है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार को इसका बाकायदा दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर में डेमो भी किया है. इस रोबोट को रिमोट ऑपरेटेड व्हीकल के नाम से जाना जाता है. इसकी खासियत होती है कि यह 8 किलो से लेकर 50 किलो तक के संदिग्ध पदार्थ को उठाकर एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है. आपातकालीन स्थिति में संदिग्ध पदार्थ को उठाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
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  • दरअसल, राजधानी में संदिग्ध विस्फोटक या बम जैसी वस्तु मिलने पर अब पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. दिल्ली पुलिस मुख्यालय में दूर से संचालित इस रोबोटिक वाहन का प्रदर्शन किया गया. इस डेमो का निरीक्षण स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण कुमार त्रिपाठी और उनकी टीम ने किया. टीम ने रोबोट की कार्यप्रणाली, वजन उठाने की क्षमता और आपातकालीन परिस्थितियों में इसके संभावित इस्तेमाल को देखा. इस डेमो में कई कंपनियां आई थीं, जिन्होंने रोबोट को पुलिस अधिकारियों के सामने पेश किया.
  • खतरे को कम करने में मददगार रोबोट
  • यह मशीन आपातकालीन परिस्थितियों में संदिग्ध पदार्थ को सुरक्षित तरीके से उठाने और निर्धारित स्थान तक ले जाने में मददगार साबित हो सकती है. किसी जगह पर संदिग्ध बम, बारूद या अन्य खतरनाक वस्तु मिलने की स्थिति में इसे मौके पर भेजकर वस्तु को मानव हस्तक्षेप के बिना संभालने का प्रयास किया जा सकता है.
  • पुलिसकर्मियों की बचा सकता है जान
  • इस तकनीक का सबसे बड़ा उद्देश्य ऐसे संवेदनशील अभियानों के दौरान पुलिसकर्मियों को संभावित खतरे से दूर रखना है. रोबोट के माध्यम से संदिग्ध वस्तु के नजदीक जाकर उसे उठाने या सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सकता है.

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