पूर्वोत्तर भारत में 2025 में आंतरिक सुरक्षा में काफी सुधार हुआ है, जिसमें हिंसा की घटनाओं में 77% की भारी गिरावट दर्ज की गई है. मणिपुर में स्थिति सुधरी है. जबकि म्यांमार सीमा पर चुनौतियां बनी हुई हैं.
- पूर्वोत्तर राज्यों में सीमा सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है. इस बीच रक्षा मंत्रालय रक्षा मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 में पूर्वोत्तर क्षेत्र यानी North East Region (NER) की आंतरिक सुरक्षा स्थिति को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में पूर्वोत्तर में हिंसा से जुड़े आंकड़ों में 77 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्र में सुरक्षा और विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार हुआ है.
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- सुरक्षा बलों ने चीन और म्यांमार की सीमाओं पर आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास और रसद संबंधी तैयारियों को तेज कर दिया है जिससे क्षेत्र में बदलाव आ रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा बलों ने पूर्वोत्तर में काउंटर-इंसर्जेंसी और काउंटर-टेरर ऑपरेशंस के जरिए उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की.
- 2025 में 33 उग्रवादी ढेर, 1,066 गिरफ्तार
- रिपोर्ट में कहा गया है कि सुरक्षाबलों ने 2025 में 33 उग्रवादियों को मार गिराया गया, वहीं 1,066 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया जबकि 117 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है. इसके अलावा सुरक्षा बलों ने 4,336 हथियार बरामद किए. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए संयुक्त अभियानों ने उग्रवादी संगठनों के लिए अपनी गतिविधियां चलाने की गुंजाइश को काफी सीमित किया है.
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- मणिपुर के हालात में सुधार
- रिपोर्ट में मणिपुर की स्थिति में भी सुधार का उल्लेख किया गया है. 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद राज्य में हालात में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला. मणिपुर में सामान्य स्थिति की ओर लौटने के संकेत कई बड़े आयोजनों के शांतिपूर्ण आयोजन से भी मिले. इनमें शिरुई लिली फेस्टिवल, डूरंड कप, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा और संगाई फेस्टिवल शामिल हैं.
- शिरुई लिली फेस्टिवल: 20-25 मई 2025
- डूरंड कप: 30 जुलाई-12 अगस्त 2025
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दौरा: 13 सितंबर 2025
- संगाई फेस्टिवल: 21-30 नवंबर 2025
- UPF-KNO के साथ SoO समझौते का नवीनीकरण
- मणिपुर में शांति प्रक्रिया को लेकर एक और अहम घटनाक्रम सामने आया. 4 सितंबर 2025 को United Peoples Front (UPF) और Kuki National Organisation (KNO) के साथ Suspension of Operations यानी SoO समझौते का नवीनीकरण किया गया. रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, दो साल बाद समझौते का नवीनीकरण मणिपुर में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
- भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा चुनौती
- वहीं भारत-म्यांमार सीमा (IMB) पर सुरक्षा स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है. इसका प्रमुख कारण म्यांमार सेना और रेजिस्टेंस फोर्सेज के बीच जारी संघर्ष है. सीमा पर स्थानीय लोगों की आवाजाही को बेहतर तरीके से नियंत्रित करने के लिए फ्री मूवमेंट रिजीम (FMR) के तहत 20 बॉर्डर क्रॉसिंग पॉइंट बनाए गए हैं. इसके अलावा सीमा सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करने के लिए 2025 में 12,590 मीटर यानी करीब 12.6 किलोमीटर लंबी सीमा फेंसिंग का निर्माण किया गया.
- म्यांमार के साथ बढ़ाया सैन्य सहयोग
- भारत ने म्यांमार के साथ सेना-सेना संबंधों को मजबूत करने के लिए कई स्तरों पर संपर्क और बातचीत जारी रखी. सीमा स्तर की बैठकों के जरिए ऑपरेशनल सहयोग और आपसी विश्वास बढ़ाने पर जोर दिया गया.इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम के तौर पर 14 अक्टूबर 2025 को 25 म्यांमार नागरिकों को तामू वापस भेजा गया.
- पूर्वोत्तर में सुरक्षा तस्वीर बदली
- रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि पूर्वोत्तर में उग्रवाद से जुड़ी हिंसा में बड़ी गिरावट आई है, जबकि सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई, खुफिया आधारित ऑपरेशन और हथियारों की बरामदगी ने उग्रवादी संगठनों की क्षमताओं पर दबाव बढ़ाया है. हालांकि, मणिपुर और भारत-म्यांमार सीमा की स्थिति को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क बनी हुई हैं. खासकर सीमा पार संघर्ष और अवैध आवाजाही की चुनौती के बीच सीमा प्रबंधन को मजबूत करने पर लगातार फोकस किया जा रहा है.
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