*थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल: आईजी की ‘क्लीन विंध्य’ मुहिम पर असर?*
???? **रीवा | से प्रदीप पाण्डेय अब तक न्याय*
रीवा जिले के सगरा थाना क्षेत्र में इन दिनों पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर रीवा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) गौरव राजपूत द्वारा पूरे विंध्य क्षेत्र को अपराध एवं नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सगरा थाना पुलिस की कथित सुस्ती इस मुहिम की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी
सूत्रों और स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, सगरा थाना पुलिस उच्च अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का प्रभावी पालन करने में नाकाम नजर आ रही है। नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के बावजूद क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री और सार्वजनिक स्थानों पर शराबखोरी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
नशे के जाल में फंसते युवा
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि थाना क्षेत्र के कई चिन्हित स्थानों पर अवैध नशे का कारोबार खुलेआम संचालित हो रहा है। इससे क्षेत्र के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ता जा रहा है। जहां एक ओर आईजी का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना है, वहीं जमीनी स्तर पर पुलिस की ढिलाई अपराधियों के हौसले बुलंद कर रही है।
जनता में बढ़ता आक्रोश
क्षेत्र में नशे की सुलभ उपलब्धता, अपराध नियंत्रण के बजाय कागजी कार्रवाई तक सीमित प्रयास, तथा अधिकारियों के निर्देशों को धरातल पर लागू न कर पाना—इन सब कारणों से आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने जिले के पुलिस अधीक्षक एवं आईजी से इस मामले में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सगरा थाना की कार्यशैली में सुधार नहीं किया गया, तो नशा मुक्ति की मुहिम इस क्षेत्र में पूरी तरह विफल हो सकती है।
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