संविधान रक्षा संकल्प यात्रा : बहुजन समाज में जागरूकता का नया अभियान 14 मार्च को कांशीराम साहेब की जयंती पर सिधौली से होगा शुभारंभ, गांव-गांव तक पहुंचेगा संविधान बचाने का संदेश अब तक न्याय (हिंदी दैनिक) सीतापुर / सिधौली भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद संविधान और कानून के सिद्धांतों पर टिकी हुई


संविधान रक्षा संकल्प यात्रा : बहुजन समाज में जागरूकता का नया अभियान

14 मार्च को कांशीराम साहेब की जयंती पर सिधौली से होगा शुभारंभ, गांव-गांव तक पहुंचेगा संविधान बचाने का संदेश

अब तक न्याय (हिंदी दैनिक)
सीतापुर / सिधौली

भारतीय लोकतंत्र की बुनियाद संविधान और कानून के सिद्धांतों पर टिकी हुई है। संविधान ही वह आधार है जो देश के हर नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता, न्याय और सम्मान की गारंटी देता है। ऐसे समय में जब देश और समाज में संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है, उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सिधौली क्षेत्र से एक महत्वपूर्ण सामाजिक अभियान की शुरुआत होने जा रही है।

आगामी 14 मार्च 2026 को बहुजन नायक और युगपुरुष मान्यवर कांशीराम साहेब की जयंती के अवसर पर “संविधान रक्षा संकल्प यात्रा” का शुभारंभ किया जाएगा। यह यात्रा सिधौली क्षेत्र के मास्टरबाग से प्रारंभ होकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों और कस्बों में जाएगी और आगे चलकर व्यापक जनजागरण अभियान का रूप लेगी।

इस अभियान का उद्देश्य समाज के लोगों को संविधान के महत्व, लोकतांत्रिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के प्रति जागरूक करना है। आयोजकों का मानना है कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग और जागरूक हो।

बहुजन समाज को जागरूक करने की पहल

संविधान रक्षा संकल्प यात्रा के संयोजक और डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि यह यात्रा बहुजन समाज में राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र में जनता का वोट सबसे बड़ी ताकत है। यदि समाज जागरूक होकर अपने मताधिकार का सही उपयोग करता है, तो वह अपने अधिकारों की रक्षा कर सकता है और देश में सामाजिक न्याय को मजबूत बना सकता है।

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार और अवसर प्रदान किए हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने संविधान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया कि देश के किसी भी नागरिक के साथ जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव न हो।

उन्होंने कहा कि संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन का एक शक्तिशाली माध्यम है। यही कारण है कि समाज के जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है कि वे संविधान के मूल्यों की रक्षा करें और उसे कमजोर करने वाली शक्तियों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करें।

लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है जनता का वोट

संविधान रक्षा संकल्प यात्रा का मुख्य संदेश यही है कि लोकतंत्र में जनता का वोट ही सबसे बड़ी ताकत है। यदि समाज संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो जाए, तो वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से किसी भी गलत प्रवृत्ति को रोक सकता है।

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि चुनाव के समय कई बार समाज को जाति, धर्म और भावनाओं के आधार पर बांटने की कोशिश की जाती है। लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद वही लोग जनता के मुद्दों और संविधान के मूल्यों को नजरअंदाज कर देते हैं।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि समाज ऐसी राजनीति को पहचान कर उससे दूरी बनाए और केवल उन्हीं लोगों को समर्थन दे जो संविधान, कानून और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध हों।

संविधान रक्षा संकल्प यात्रा का एक प्रमुख उद्देश्य यही है कि समाज को यह समझाया जाए कि संविधान और कानून विरोधी विचारधारा को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाए।

बाबा साहेब के विचारों को आगे बढ़ाने का अभियान

इस अभियान को बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बहुजन आंदोलन के महान नेता मान्यवर कांशीराम साहेब के विचारों से प्रेरित बताया जा रहा है।

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने अपना पूरा जीवन सामाजिक न्याय और समानता के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने संविधान के माध्यम से देश के हर नागरिक को अधिकार और सम्मान देने की व्यवस्था की।

वहीं मान्यवर कांशीराम साहेब ने बहुजन समाज को संगठित करने और उसे राजनीतिक रूप से जागरूक बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

उन्होंने कहा कि संविधान रक्षा संकल्प यात्रा का उद्देश्य इन दोनों महान नेताओं के विचारों को समाज के बीच पहुंचाना और नई पीढ़ी को उनके संघर्षों से परिचित कराना भी है।

गांव-गांव और शहर-शहर में होगा जनजागरण

आयोजकों के अनुसार संविधान रक्षा संकल्प यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं है बल्कि यह एक व्यापक जनजागरण अभियान होगा।

इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न माध्यमों से समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके तहत

• जनसभाएं
• नुक्कड़ सभाएं
• संवाद कार्यक्रम
• सांस्कृतिक कार्यक्रम
• नाटक और कविताएं
• पोस्टर और पम्पलेट
• सोशल मीडिया अभियान

जैसे कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संविधान के महत्व और लोकतांत्रिक अधिकारों के बारे में बताया जाएगा।

युवाओं, किसानों और महिलाओं की भागीदारी

आयोजकों का कहना है कि इस अभियान में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

विशेष रूप से युवाओं, किसानों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को इस अभियान से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और यदि युवा संविधान और लोकतंत्र के प्रति जागरूक होंगे तो देश का भविष्य सुरक्षित रहेगा।

उन्होंने कहा कि किसानों और मजदूरों को भी इस अभियान से जोड़ना जरूरी है क्योंकि संविधान ने उन्हें भी समान अधिकार और सम्मान दिया है।

लोकतंत्र को मजबूत करने का प्रयास

संविधान रक्षा संकल्प यात्रा को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

आयोजकों का मानना है कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया है जिसमें नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी होती है।

यदि समाज जागरूक रहेगा और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेगा तो लोकतंत्र भी मजबूत होगा और देश का विकास भी तेज होगा।

तैयारियां शुरू

संविधान रक्षा संकल्प यात्रा को सफल बनाने के लिए क्षेत्र में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

सामाजिक संगठनों और युवाओं की टीमें गांव-गांव जाकर लोगों को इस कार्यक्रम की जानकारी दे रही हैं और उन्हें इस अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

आयोजकों का कहना है कि 14 मार्च को होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे और यह कार्यक्रम बहुजन समाज के लिए एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगा।

समाज से जुड़ने की अपील

कार्यक्रम के संयोजक राजेश कुमार सिद्धार्थ ने समाज के सभी जागरूक नागरिकों, युवाओं, किसानों और सामाजिक संगठनों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि संविधान की रक्षा करना केवल किसी एक संगठन या व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यदि समाज संगठित होकर आगे आएगा तो निश्चित रूप से संविधान और लोकतंत्र दोनों मजबूत होंगे।

कार्यक्रम संयोजक

राजेश कुमार सिद्धार्थ
राष्ट्रीय अध्यक्ष
डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ

संपर्क

मो. 9454325236
मो. 7905026393

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