लव सिंह यादव/अब तक न्याय


फतेहपुर में चुनावी रंजिश ने लिया खूनी रूप: पूर्व और वर्तमान प्रधान के गुटों में जमकर मारपीट, 6-9 लोग घायल, वीडियो वायरल

लव सिंह यादव/अब तक न्यूज

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में ग्राम पंचायत चुनाव की पुरानी कड़वाहट एक बार फिर खूनी संघर्ष में बदल गई। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के डेरियापुर मजरा बरार गांव में शुक्रवार शाम पूर्व प्रधान रामप्रसाद निषाद और वर्तमान प्रधान छोटेलाल पाल के समर्थकों के बीच भयंकर झड़प हो गई। दोनों पक्षों ने लाठी-डंडों से एक-दूसरे पर हमला बोला, जिसमें पूर्व प्रधान की मां सहित कुल 6 से 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सड़क पर दर्जनों ग्रामीणों की भीड़ के बीच हाथापाई और चीख-पुकार साफ दिखाई दे रही है।

घटना का विवरण: छोटी बहस से खूनी बवाल ग्रामीणों के अनुसार, झड़प की शुरुआत एक मामूली विवाद से हुई। पूर्व प्रधान रामप्रसाद निषाद के समर्थक गांव में घूम रहे थे, जब वर्तमान प्रधान छोटेलाल पाल के गुट ने उन्हें रोक लिया। पुरानी चुनावी दुश्मनी भड़क उठी और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लगभग आधा घंटे तक चले इस तांडव में लाठी-डंडे, ईंट-पत्थर और लोहे की रॉड का इस्तेमाल किया गया। घायलों में पूर्व प्रधान की बुजुर्ग मां सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही हैं। अन्य घायलों में रामप्रसाद निषाद के बेटे और छोटेलाल पाल के दो समर्थक शामिल हैं। कुछ रिपोर्ट्स में घायलों की संख्या 9 बताई गई है, जिनमें से 2-3 की हालत गंभीर है। सभी को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर मामलों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।पुलिस की त्वरित कार्रवाई: 8 गिरफ्तार, अतिरिक्त फोर्स तैनात घटना की सूचना मिलते ही खखरेरू थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। एसपी फतेहपुर ने तत्काल अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। दोनों पक्षों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147 (दंगा), 323 (मारपीट), 504 (अपमानजनक शब्द) और अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने 8 नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कुछ फरारों की तलाश जारी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के खिलाफ समान धाराओं में कार्रवाई की जा रही है ताकि निष्पक्षता बनी रहे। एसपी ने बताया, “घटना पुरानी चुनावी रंजिश से जुड़ी लग रही है। हम वीडियो और ग्रामीणों के बयानों के आधार पर आगे की जांच कर रहे हैं। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पैट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।”

पृष्ठभूमि: 2020 चुनाव से चली आ रही दुश्मनी ग्रामीणों का कहना है कि 2020 के ग्राम प्रधान चुनाव में हार-जीत के बाद से रामप्रसाद निषाद और छोटेलाल पाल के बीच तनाव कायम है। छोटी-मोटी बातों पर झगड़े होते रहते हैं, लेकिन इस बार मामला इतना बिगड़ गया कि महिलाएं और बुजुर्ग भी चपेट में आ गए। गांव में वर्चस्व की जंग ने सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाया है। एक ग्रामीण ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "चुनाव खत्म हो गया, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई। अब तो गांव में डर का माहौल है।"फतेहपुर जिले में हाल ही में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। 16-17 नवंबर को चांदपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव में इसी तरह की रंजिश में 9 लोग घायल हुए थे, जहां 63 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। अप्रैल 2025 में ललौली थाना के उरौली गांव में पूर्व प्रधान ने वर्तमान प्रधान पर कुल्हाड़ी और बंदूक से हमला किया था। ये घटनाएं ग्रामीण स्तर पर चुनावी हिंसा की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाती हैं।

सामाजिक प्रभाव: गांव में सन्नाटा, शांति बहाली की मांग इस घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल-कॉलेज बंद होने की नौबत आ गई, और ग्रामीण घरों में कैद हैं। स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों से समझौते की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी रंजिशें गांव की अर्थव्यवस्था और सामाजिक संरचना को सालों तक प्रभावित करती हैं। जिला प्रशासन ने शांति समितियों की बैठक बुलाने का फैसला किया है ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।पुलिस ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति पुरानी दुश्मनी को हवा न दे। मामले की आगे की जांच जारी है।

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