आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा है कि 8 हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजा जाएगा. कोर्ट के इस फैसले को लेकर राहुल गांधी और मेनका गांधी की एक राय है. दोनों ने कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया है. मेनका गांधी ने कहा, स्ट्रीट डॉग से


सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने कहा, 8 हफ्ते के अंदर सभी आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में भेजा जाएगा. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि किसी भी कुत्ते को वापस नहीं छोड़ा जाएगा. कोर्ट के इस फैसले को लेकर अब बीजेपी नेता मेनका गांधी और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की एक राय नजर आ रही है. दोनों ही कोर्ट के फैसले का विरोध कर रहे हैं.

 

बीजेपी नेता मेनका गांधी ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लेकर कहा, बहुत लोग पीड़ित हैं, इसका मतलब यह नहीं किसी को उठा कर फेंक दो. सड़क पर गाड़ियों से दुर्घटना होती है तो क्या सभी गाड़ियों को बंद कर दें. इस फैसले का कोई समाधान नहीं है. ये नेचुरल आर्डर है, इस स्थिति के साथ जीना सीखें.

मेनका गांधी ने किया SC के फैसले का विरोध

दिल्ली-एनसीआर में कुत्तों की तादाद बढ़ रही है. साथ ही कुत्तों के काटने के केस भी सामने आ रहे हैं. इसी को लेकर कोर्ट ने यह फैसला लिया है. इस पर मेनका गांधी ने कहा, कुत्तों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाने पर वो काटते हैं. उन्होंने आवारा कुत्तों की संख्या और काटने से हो रही परेशानी का समाधान बताते हुए कहा, सभी कुत्तों की नसबंदी हो और उन्हें इधर उधर करना बंद कर दें.

साथ ही मेनका गांधी ने कहा, स्ट्रीट डॉग से ज्यादा हिंसक पालतू विदेशी कुत्ते होते हैं. घटिया एमसीडी के काम के बावजूद दिल्ली में स्ट्रीट डॉग्स की संख्या कम हुई है. दिल्ली सरकार ने मजबूरी में इस फैसले का स्वागत किया है.

 

 

कितना आएगा शेल्टर होम बनाने में खर्च?

मेनका गांधी ने आगे कहा, दिल्ली में कोई इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, कुत्तों के लिए शेल्टर होम्स बनाने के लिए आधा एकड़ जमीन और 15 हजार करोड़ की जरूरत पड़ेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कभी जगह मिली और शेल्ट होम्स बन गए तो सरकार को कुत्तों को खिलाने के लिए 5 करोड़ हर हफ्ते खर्च करने होंगे. कुत्तों की देखरेख के लिए डेढ़ लाख लोगों को रखना होगा. उन्होंने आगे कहा, सुप्रीम कोर्ट का फैसला दिल्ली क्या डिफेंस कॉलोनी में भी लागू नहीं हो पाएगा. समाधान है एबीसी सेन्टर बनाएं, लखनऊ बंगलोर ने शानदार काम किया है

साथ ही मेनका गांधी ने कहा, डॉग बाईट का आंकड़ा गलत है , साल में कोई 37 लाख बाईट नहीं हुई है. जज ने बिना सोचे समझे ये फैसला दिया है. इंसान ऐसा सख्त है जो किसी न किसी से लड़े बिना रह ही नहीं सकता, कबूतर, कुत्ता, गाय, बंदर सब से लड़ेंगे. अगर कुत्तों को हटाया गया तो जो बंदर अभी पेड़ पर हैं वो नीचे आ जाएंगे, फिर आपकी खैर नहीं. साथ ही उन्होंने कहा, कोर्ट के इस फैसले पर हम अपील करेंगे, रिव्यू करेंगे.

मेनका गांधी पशु कल्याण, खासकर कुत्तों के कल्याण (डॉल वेलफेयर) के क्षेत्र में काम करने के लिए जानी जाती हैं. उन्होंने भारत के सबसे बड़े पशु कल्याण संगठन, पीपल फॉर एनिमल्स (PFA) की स्थापना की. वो डॉग और एनिमल वेलफेयर के लिए काम करती रही हैं और आवाज उठाती रही हैं.

 

 

राहुल गांधी ने भी किया फैसले का विरोध

मेनका गांधी की ही तरह राहुल गांधी ने भी सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का विरोध किया है. राहुल गांधी ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया. उन्होंने कहा, ये बेजुबान जीव कोई समस्या नहीं हैं, जिन्हें मिटा दिया जाए. शेल्टर, नसबंदी, टीकाकरण और सामुदायिक देखभाल से सड़कों को बिना किसी क्रूरता के सुरक्षित रखा जा सकता है. उन्होंने आगे कहा, आवारा कुत्तों को बिना सोचे-समझे सड़कों से हटाना क्रूर है और हमारी मानवता को खत्म करता है. हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जन सुरक्षा और पशु कल्याण साथ-साथ चलें.

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में कुत्तों को लेकर आदेश दिया. कोर्ट ने 5 हजार कुत्तों के लिए शेल्टर होम बनाने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर को आवारा कुत्तों से मुक्त करना है ताकि बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग सड़कों पर सुरक्षित रहें.

 

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