डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।


सीतापुर -किसानों की लगातार बढ़ती समस्याओं, खाद, बीज, बिजली संकट, फसल का उचित मूल्य न मिलने और सिंचाई की दिक्कतों को लेकर आज विकास भवन, सीतापुर के सामने विशाल धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह धरना-प्रदर्शन प्रदेश उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस एवं मीडिया प्रभारी, साथ ही डॉ. आंबेडकर संवैधानिक महासंघ तथा राष्ट्रीय अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।

किसानों की समस्याओं को लेकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया और यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि जब तक किसानों, गरीबों, दलितों, पिछड़ों, महिलाओं और अल्पसंख्यकों की आवाज़ को गंभीरता से नहीं सुना जाएगा तब तक यह आंदोलन और अधिक व्यापक रूप से जारी रहेगा।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि आज प्रदेश और देश के किसान बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। महंगाई चरम पर है, डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ते जा रहे हैं, जबकि किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम नहीं मिल पा रहा। किसानों के नाम पर सरकारें बड़े-बड़े वादे करती हैं लेकिन धरातल पर स्थिति बिल्कुल उलट है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो यह संघर्ष और तेज होगा।

इस अवसर पर किसान मंच के प्रदेश प्रभारी एवं कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष शिव प्रकाश सिंह, रजनी राज, काजल राठौर, अनीता देवी, विशूना राठौर, ज्ञानेंद्र चौधरी, मीना भारती, बिंदेश्वरी यादव, पार्वती, रामकुमार मिश्रा सहित बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं, नौजवान और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में किसानों की लड़ाई को मजबूत करने और प्रशासन को चेतावनी देने का संकल्प लिया।

प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार ने किसानों के साथ सबसे बड़ा धोखा किया है। फसल की लागत बढ़ गई है लेकिन समर्थन मूल्य पर्याप्त नहीं है। खाद, बीज और डीजल महंगे होने से किसान कर्ज के बोझ तले दब रहा है। गरीब, मजदूर, दलित और पिछड़े वर्ग की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन उग्र रूप लेगा।

धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ और अंत में जिला प्रशासन को किसानों की मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा गया। किसानों ने आशा व्यक्त की कि प्रशासन किसानों की पीड़ा को समझेगा और शीघ्र ठोस कार्रवाई करेगा।

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