उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने "ऑपरेशन कालनेमि" की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले, भूमि अतिक्रमण करने वाले और धर्मांतरण में शामिल लोगों को रोकना है. यह अभियान लव जिहाद, लैंड जिहाद और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों के खिलाफ है. सरकार ने आम जनता से


लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद पर एक्शन, उत्तराखंड सरकार ने ऑपरेशन ‘कालनेमि’ शुरू किया है. आखिर इसकी जरूरत क्या पड़ी और इसका मकसद क्या है? ऐसे तमाम सवालों के जबाव TV9 भारतवर्ष पर खुद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने दिए. सीएम धामी ने कहा कि रामायण का प्रसंग आपके सामने आया उस समय भी कालनेमि था. जो सही उद्देश्य के लिए काम करने वाले भगवान राम के भक्त हनुमान जब संजीवनी बूटी लेने के लिए जा रहे थे, तो भेष बदलकर, छद्म रूप बनाकर के गुमराह करने की कोशिश कर रहा था. उसी समय भगवान हनुमान को पता लग गया कि यह कालनेमि है और उन्होंने उसका अंत कर दिया.

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी बहुत सारे कालनेमि छद्म भेष बनाकर अनेक स्थानों पर अपनी पहचान छुपाकर के धार्मिक भावनाओं को आहत करने का काम कर रहे हैं. सनातन को नुकसान पहुंचाते हैं और जो सच्चे धर्म की खोज में, पुण्य की खोज में और अपने आप को प्राप्त करने के लिए भगवान की शरण में जाते हैं, देवभूमि जाते हैं या अन्य स्थानों पर जाते हैं.

उन्होंने कहा कि उनको किसी न किसी रूप में मार्ग भटकाने का काम करते हैं. उनको कहीं रोकने का काम करते हैं. सनातन का नुकसान करते हैं. ऐसे लोग लोगों की पहचान करने और आपराधिक प्रवृत्ति के बहुत सारे लोग इसमें आ रहे हैं. उन सभी लोगों को रोकने और उजागर करने का काम कर रहे हैं.

दो दिनों के ऑपरेशन में पकड़े गए 100 से ज्यादा कालनेमि

पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि कुछ बांग्लादेशी भी पकड़े गए हैं. 100 से ज्यादा कालनेमि पिछले दो दिन के ऑपरेशन में पकड़े गए हैं. ऐसे कालनेमियों को धर्म लंबियों के मार्ग से हटाना यह भी कम का काम है काम को हमने प्रारंभ किया है.

इस ऑपरेशन का ख्याल कैसे आया क्या कोई इनपुट मिला था? क्योंकि पहलगाम में भी आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया था और अब उत्तराखंड में लाखों श्रद्धालु देश भर से आ रहे हैं.

पुष्कर धामी ने कहा कि यह सारी सूचनाओं प्राप्त हो रही थी. पहले से सूचना आ चुकी हैं कि उत्तराखंड देवभूमि है. कई बार ऐसे प्रकरण में छद्म भेष के रूप में आए हैं. इसीलिए यह कालनेमी ऑपरेशन चलाया गया है और इस ऑपरेशन के चलने के बाद बड़ी संख्या में लोग पकड़े जा रहे हैं और यह अभियान हमारा निरंतर जारी रहेगा. हमने आम जनता से भी अपील की है कि उनके आसपास भी कहीं अगर संदिग्ध अवस्था में कुछ छद्म भेषधारी है कोई अपनी पहचान छुपाई है तो उसकी सूचना पुलिस को दे पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी.

सीएम धामी ने बताया कालनेमि का क्या है मकसद?

कुछ दिनों पहले अपने ऑपरेशन मजार चलाया, सरकारी जमीन को छुड़ाया और अब फर्जी संतो को पकड़ने का अभियान चला रही है आखिर पुष्कर धामी सरकार का मकसद क्या है?

इस सवाल पर पुष्कर धामी ने कहा कि हमारा एक ही मकसद है कि उत्तराखंड के अंदर कहीं पर भी अवैध कब्जा ना हो, अवैध अतिक्रमण न हो, लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद, दंगा रोकने के लिए, धर्मांतरण रोकने के लिए भी कानून लेकर के आए हैं और कालनेमि भी उसी का एक स्वरूप है. जितने भी गलत प्रकार की एक्टिविटी हो रही है उन सभी एक्टिविटीज को रोकना.कई बार देखा गया है कि शिव भक्तों की आड़ में कुछ उन्मादी उत्पात मचाते हैं, तोड़फोड़ करते हैं उनको लेकर उत्तराखंड सरकार की क्या रणनीति रहेगी ?

इस सवाल पर पुष्कर धामी ने कहा कि जहां हमने कहा है कि कानून कोई अपने हाथ में ना लें. यात्रा के अपने नियम हैं तो मैं सभी से अनुरोध करना चाहूंगा कि यात्रा अपनी नियम से करें आपकी यात्रा से किसी को परेशानी ना हो. हम सब का स्वागत करने के लिए तैयार हैं.

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