सेना के सम्मान और देश के जज्बातों का राजनीतिक व्यापरीकरण बंद करो


सारा विश्व मजाक बना रहा है, अमेरिकन चौधरी रोज-रोज खून के आंसू रुला रहा है, भारत के नाटक मंडली के सारे तथाकथित कलाकार विदेश में सैर सपाटे कर रहे हैं, ना किसी देश का प्रतिनिधि मंडल मिला न किसी देश के पत्रकारों ने इंटरव्यू लिए बस कुछ प्रायोजित भीड़ में राग हिंदुस्तानी गाकर प्रतिनिधि मंडल वापस लौट जाएगा!

बेशर्मी की हद तो तब हो गई जब मोदी  खुद ही सड़कों पर निकल गए, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को अपने नाम करने के लिए!

माफ करना प्रधानमंत्री जी जब आपने सीज फायर का घोषणा की, सॉरी आपने नहीं ट्रंप साहब ने तो पूरा देश भौचक्का था !

हम ही नहीं आपको पसंद करने वाले लोग और फिर उन्होंने अपना गुस्सा उतारा विदेश सचिव विपिन मिस्त्री पर जो सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस को अंजाम दे रहे थे क्या-क्या नहीं कहा आपके लोगों ने,?पूरी टाल आर्मी लगा दी गई , उनको ही नहीं उन के परिवार तक को गाली दी गई मोदी जी आपके लोगों ने सेना  का ये जो तथाकथित उपहास उड़ाया उसके मूल में आप थे!
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वह सेना जिसे बिना तैयारी के युद्ध में झोंक दिया गया था और जो अपनी परंपरागत वीरता के कीर्तिमान स्थापित कर रही थी उस सेना के अधिकारियों के साथ आपके कंट्रोल आर्मी की यह  अभद्रताएं अपने 56 इंची को दुम दबाकर भागते देखने की थी!

आपका आभामंडल   धू धू  कर जल रहा है! है महा मानव आप आपके आभामंडल के जलने पर भी अपने आप को शाबाशी देने का जो उपक्रम कर रहे हैं, ददेश शर्मिंदा है!
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आप किस बात का जश्न बना रहे हैं! पूरा विश्व कह रहा है भारत बैकफुट पर रहा, युद्ध विराम के बाद पाकिस्तान की सड़कों पर जश्न बनायागया, हमारे हिंदुस्तान में हमने हमारे मीडिया को झूठ के आकैंसर से मरते हुए देखा, इस युद्ध विराम के पहले जिस तरह आपके प्रिय गोदी मीडिया ने देश के संवेदन के साथ जो मजाक किया , पूरा देश घायल था!

आप इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाए की ससद बुला सके, आप इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाए कि किसी शहीद सैनिक के घर श्रद्धा सुमन अर्पित कर दे ,इतनी हिम्मत नहीं जुटा पाए की पूंछ और पहलगाम जा पाए जहां यह घटना घटी!
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सीजफायर में ना आपने pok हासिल किया, ना पुलवामा और पहलगाम का आतंकवादियों का कुछ पता चल पाया, सेना ने अपने शौर्य से कुछ आतंकवादी ठिकाने जरूर ध्वस्त किए लेकिन इस स्ट्राइक की सूचना पाकिस्तान को पहले देकर अपने वहां से आतंकवादियों को भगाने का मौका दे दिया!

हिंदुस्तानी सेना के अभिमान सुर्खोई  व राफेल पर आपकी सरकार की जवान पर लकवा मार गया है, कितनी बड़ी उपलब्धि थी कि भूटान और नेपाल जैसे छोटे-छोटे देश भी इस मुसीबत में भारत के साथ नहीं 72 देश की यात्रा करने के बाद भी एक भी मुल्क विश्व गुरु 
के पीछे नहीं खड़ा था!
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सामरिक दृष्टि से  न हम आगे रहे ना कूटनीति में ,विदेश नीति में 00 रहे और पहली बार हमारे आपसी मामलों पर किसी विदेशी ने पंचायत करी, हम विश्व राजनीति का शिकार हुए और आप जश्न मना रहे हैं शाबाश विश्व गुरु!

जिस दिन घटना घटी उस दिन वहां से सुरक्षा सैनिक क्यों हटाया गया?

घटना के बाद आपकी पार्टी को लोगों ने धर्म पूछ जात नहीं इस बात को पोस्टरो के साथ और आपका पालतू मीडिया ने उनकी नूरा कुश्ती से किस तरह देश को गृह युद्ध में झोंकने की कोशिश की थी सारे देश ने देखा था,

सुरक्षा में चूक को आपकी सरकार ने स्वीकारा था , इंटेलिजेंस फैलियर सारे विश्व की भारत के प्रति पहली हैडलाइन थी, विदेशों को भेजी गई नाटक मंडली में आपके पास तो इतने पत्र भी नहीं थे जो विश्व में आपका पक्ष रख सके, विपक्ष कुछ बोलता है तो आप और आपके लोग बोलते हैं देश और सुना के साथ राजनीतिक स्वीकार नहीं आप क्या कर रहे हैं विश्व गुरु कभी सोचें! 
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इतिहास अपने असफलता का जश्न बनाने वाले एक विश्व गुरु को किस दृष्टि से दिखेगा यह तो वक्त बताएगा पर है विश्व गुरु इस देश के सम्मान के लिए फिलहाल नौटंकी बंद कर दो!

देश हकीकत जानता है और जानना चाहता है कर सको तो इस देश को पुलवामा और पहलगाम के आतंकवादी ला कर दे दो,

सबसे बड़ी बेशर्मी तो यह है कि आपकी इस  इवेंट को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन प्रायोजित भीड़ जाने की कोशिश कर रहा है और कानपुर में जिस तरह कलेक्टर ने करनल सोफिया के परिवार को फूल डालने के लिए आदेशित किया वह शर्मनाक था वही करनल सोफिया जिसे आपके राज्य सरकार का एक मंत्री आतंकवादियों की बहन बताता है!
?????? राजेश कुमार सिद्धार्थ अध्यक्ष डॉ आंबेडकर संवैधानिक महासंघ एवं किसान कांग्रेस प्रदेश महासचिव

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