लोकेशन बरेली बरेली से संवाददाता शिवहरि शर्मा की खास खबर।


राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान द्वारा lसावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तुलसी के पौधे को साक्षी मानकर मनाई  सावित्रीबाई फुले के पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु जी ने बताया सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 ई को सतारा के एक छोटे से गांव में एक दलित परिवार में हुआ था इनका विवाह महज 9 साल की उम्र में ज्योति बा रावफूल के साथ हुआ था सावित्रीबाई फुले भारत के पहलेबालिका विद्यालय की पहेली प्रिंसिपल और पहले किसान स्कूल की संस्थापक थी सावित्रीबाई फुले एक प्रमुख भारतीय सामाजिक सुधारक, शिक्षावाद और कवित्री थी,  महिला शिक्षा और साक्षक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी उन्हें उसे समय की कुछ साक्षर महिलाओं में ही गिना जाता था सावित्रीबाई को पुणे में अपने पति ज्योति राव फुले के साथ भीलवाड़ा में स्कूल स्थापित करने के लिए शेय दिया जाता है उन्होंने बाल विवाह के प्रति शिक्षित करने के लिए उन्मूलन करने सती प्रथा के खिलाफ प्रचार करने बा विधवा पुनर्विवाह के लिए वकालत करने के पहल की और 10 मार्च को समाज को शिक्षा दीक्षा देकर समाज सेवा  करते-करते इस दुनिया से ब्रह्मलीन हो गई  कार्यक्रम में राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान की बिंदु जी राष्ट्रीय महामंत्री नरेंद्र पाल राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश कुमार मौर्य रामकिशोर जे. आर गुप्ता, रश्मि अग्रवाल, चित्रा गंगवार, तरुणा कपूर, आदि लोगो ने मौजूद रहे कर सावित्रीबाई फुले को पुष्पांजलि दी

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।