श्रावण मास की दुतिया के दिन आज ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान हुए और अपने भक्तों को दर्शन दिए 


श्री कृष्ण की नगरी मथुरा में सावन का महीना शुरू होते ही भगवान को स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान करके राजाधिराज ने दिए अपने भक्तों को दर्शन क्यों की ये दर्शन साल भर में सिर्फ आज ही के दिन होते है जब भगवान भक्तो को सोने चांदी के बने आठ दस फीट ऊंचे हिंडोले में झुलाया गया है ।

श्रावण मास की दुतिया के दिन आज ठाकुर द्वारकाधीश जी महाराज स्वर्ण एवं रजत हिंडोले में विराजमान हुए और अपने भक्तों को दर्शन दिए 
मान्यताओं के अनुसार श्रावण मास में ब्रज में झूलों की परंपरा है और सभी लोग किसी न किसी प्रकार से अपने इष्ट को लाढ लड़ाये जाते हैं 
पुष्टिमार्ग संप्रदाय में ठाकुर मंदिर द्वारकाधीश में पूरे सावन मास के कार्यक्रमों का निर्धारण होता है और उसका निर्धारण मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 डॉ वागिश कुमार जी महाराज कांकरोली नरेश जी के द्वारा किया जाता है और उन सभी कार्यक्रमों का संचालन मंदिर के गोस्वामी श्री श्री 108 वेदांत कुमार  और सिद्धांत कुमार  के द्वारा किया जाता है  जिसके दर्शन करके देश दुनिया से आए भक्त अपने आप को धन्य मानते है क्यों की ब्रज में सावन का महीना और उसके दौरान द्वारकाधीश के साथ बीरजामन राधे रानी की जुगल जोड़ी के दर्शन वो भी सोने चांदी के झूले में तो ऐसे अलौकिक दर्शन पाकर आखिर भक्त भी बड़े आनंदित होते है ।
मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया यह क्रम पूरे श्रावण मास जारी रहेगा हिंडोले में सायं काल 5:10 से 5:40 तक ठाकुर जी विराजमान रहे इस दौरान पूरे द्वारिकाधीस मंदिर में जय जय कार होती रही ।
 

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