जिंदगी के कौन से कठोर सत्य पचा पाना मुश्किल है?
जिंदगी के कौन से कठोर सत्य पचा पाना मुश्किल है?
भाषण देते समय नरेंद्र मोदी एक कागज से क्यों नहीं पढ़ते हैं?
भाषण देते समय नरेंद्र मोदी एक कागज से क्यों नहीं पढ़ते हैं?
मोदी जी तकनीक में हमेशा से माहिर रहे हैं उन्होंने गुजरात के चुनाव में 3D डायग्राम बनवा कर अपनी रैलियां की थी जिससे वह एक समय पर कई कई जगह होते थे आजकल मोदी जी भाषण देते समय टेलीप्रॉन्पटर का उपयोग करते हैं कागज का प्रयोग तो पुराने नेता किया करते थे टेलीप्रॉन्पटर की तकनीक के बारे में शायद 2018 2019 में लोग जान पाए हैं ग्रामीण इलाके में यह तकनीक का ज्ञान अब तक नहीं हो सका है आप देखेंगे और पाएंगे कि मोदी जी कितनी आसानी से पढ़ते भी हैं और आपको लगता है कि वह अपने मन से बोल रहे हैं
*एडिट* मेरे कुछ दोस्तों को लगता है मोदी जी कागज से या teleprompter से पढ़ने का गुनाह कर ही नहीं सकते उनके लिए कुछ खास तस्वीरें
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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप
जिंदगी के कौन से कठोर सत्य पचा पाना मुश्किल है?
नूपुर शर्मा ने क्या विवादित बयान दिया था, जिसके कारण उन्हें बीजेपी ने सस्पेंड कर दिया? पहले क्रोनोलॉजी समझिए , फिर कारण जानिए ।
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