,60 फिट गहरे बोरवेल में फंसे राहुल साहू को रेस्क्यू टीम के द्वारा सुरक्षित निकालने पर हालचाल जानने,चिकित्सकों और परिजनों से भी की चर्चा...


छ.ग.मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे अपोलो हॉस्पिटल,60 फिट गहरे बोरवेल में फंसे राहुल साहू को रेस्क्यू टीम के द्वारा सुरक्षित निकालने पर हालचाल जानने,चिकित्सकों और परिजनों से भी की चर्चा...

—अब तक इंडिया न्यूज़ के लिए छत्तीसगढ़ से सूरज यादव की खास रिर्पोट

अब तक इंडिया लाइव टीवी न्यूज़ चैनल छ.ग./ मौत को मात देकर 104 घंटे बाद सुरक्षित बाहर आया राहुल, ग्रीन कॉरिडोर से अपोलो रवाना

जांजगीर-चांपा:–मालखरौदा विकासखंड के पिहरीद गांव में 10 जून से 60 फीट गहरे बोरवेल में फंसे राहुल साहू को आखिरकार रेस्क्यू की टीम ने बाहर सुरक्षित निकाल लिया है. राहुल को निकालने के लिए लगातार 104 घंटे से रेस्क्यू जारी था. राहुल को देख माता-पिता,परिजन व हर किसी के आंखों से आंसू छलक पड़े. राहुल को अब उनके माता पिता के साथ एंबुलेंस से बिलासपुर के अपोलो अस्पताल के लिए रवाना किया।

सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद पहले से ही जांजगीर से अपोलो अस्पताल बिलासपुर तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। मेडिकल स्टाफ पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर है।रेस्क्यू के दौरान कलेक्टर-एसपी समेत पूरा प्रशासनिक अमला लगातार मौके पर डटा रहा. मौके पर आईजी भी डटे रहे. सभी अफसर पल-पल का अपडेट लेते रहे. राहुल के रेस्क्यू के लिए सीएम भूपेश बघेल के निर्देश पर गुजरात और राजस्थान से भी विशेष टीम बुलाई गई थी.

सीएम बघेल लगातार कर रहे थे माॅनिटरिंग
बता दें कि राहुल को बोरवेल में गिरे 5 दिन हो गए हैं. उसे बचाने शासन-प्रशासन व रेस्क्यू की टीम लगातार जुटी हुई थी. सीएम भूपेश बघेल भी लगातार ऑनलाइन माॅनिटरिंग कर रहे थे और हर संभव राहुल को बचाने की कोशिश करने के निर्देश अफसरों को दे रहे थे. आखिरकार रेस्क्यू टीम को सफलता मिली है। घटना की जानकरी मिलते ही राहुल का रेस्क्यू शुरू कर दिया गया था, लेकिन तमाम कोशिशें नाकाम हो रही थी. सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद शासन-प्रशासन ने राहुल को बचाने में अपना पूरा जोर लगा दिया था।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे अपोलो हॉस्पिटल, राहुल का जाना हालचाल, चिकित्सकों और परिजनों से भी की चर्चा।
बिलासपुर(15जून2022)/ अपोलो हॉस्पिटल पहुंचकर सीएम भूपेश बघेल ने राहुल का हालचाल जाना। पश्चात उन्होंने चिकित्सकों से विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने राहुल के परिजनों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि हम सभी ने मिलकर प्रयास किया जिसका सार्थक परिणाम प्राप्त हुआ, राहुल आज पूरी तरह से सुरक्षित है। इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भावुक हो उठे और उन्होंने राहुल के सिर पर हाथ को सहलाया।
वहीं पर राहुल के परिजन भी उपस्थित थे, उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अस्पताल के आईसीयू में राहुल की माँ गीता साहू ने कहा कि राहुल को बचाने के लिए जो दिन-रात, भूखे-प्यासे, बिना सोये रेस्कयू में लगे थे, वो मेरे लिए भगवान हैं। माँ बार-बार बेटे का माथा चूम रही है..मेरा लाल..मेरा लाल कहकर सर में हाथ फेर रही है, दुलार रही है। एक -एक जख्मों को देख रही है मानो आज ही वो सारे जख्मों को भर देना चाहती हो। राहुल सुन नहीं सकता, पर माँ के हाथों में वो जादू है जिससे सिर्फ महसूस भर किया जा सकता है,सुनने की जरूरत ही कहाँ है। राहुल बोल भी नहीं सकता, एकटक माँ को ही देख रहा,माँ उसे निहार रही है फिर शब्दों की किसे जरूरत है। राहुल और उसकी माँ का प्यार देखकर तो लगा जैसे दोनों को पूरी दुनिया मिल गयी हो। अस्पताल में राहुल की माँ गीता साहू से जो भी मिलने आ रहा है।वो दोनों हाथों को कृतज्ञता से जोड़ ले रहीं हैं। गीता ने पांच दिन से कुछ नहीं खाया है।और ना ही सोयी हैं। वे कहती हैं कि भगवान कैसे होते हैं,बीते पांच दिनों में देखा है।मेरा तो बेटा है राहुल पर बाकी लोग उसे बचाने के लिये दिन-रात,भूखे-प्यासे, बिना सोये लगे रहे।ये सब मेरे लिये साक्षात भगवान हैं।मैं तो सिर्फ पैदा की हूं राहुल को लेकिन सब ने मिलकर उसे नया जन्म दिया है।देश भर से करोड़ों लोगों की दुआओं ने असर किया है।और आज मेरा बेटा मेरे सामने है। हमर मुख्यमंत्री को हम सब परिवार के लोग करोड़ों बार प्रणाम करते हैं।वे दिन-रात राहुल की खबर लेते रहे।यहां अधिकारियों के पास और हमारे पास भी मुख्यमंत्री जी लगातार फोन करते रहे। गीता आगे कहतीं हैं कि सरकार, प्रशासन और बेटे को निकालने में लगी टीम को टीम को जीवन भर दुआएं दूंगी।भगवान सभी के बच्चों को लंबी उम्र दे। दरअसल गीता ने ही सबसे पहले खोजते हुए राहुल को बोरवेल में पाया था।उन्होंने बताया कि शुक्रवार को राहुल घर के बाहर खेल रहा था। जब बहुत देर तक नहीं आया तो चिंता हुई। मैं खोजने निकली तो बोरवेल के पास से राहुल के रोने की आवाज आयी। मैं करीब गयी और कान लगाकर सुना तो राहुल ही रो रहा था। इसके बाद हमने प्रशासन को सूचना दी तो बिना देर किये सभी लोग आ गये और बचाव कार्य शुरू कर दिए। गौरतलब है कि जांजगीर के पिहरीद गांव में बोरवेल में फंसे राहुल को 105 घँटे की कड़ी मशक्कत के बाद मंगलवार की रात सकुशल निकाला गया था। इसके बाद राहुल को बिलासपुर के अपोलो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहाँ उसका इलाज चल रहा है, डॉक्टरों के मुताबिक राहुल को कोई बड़ी समस्या नहीं है। बोरवेल में गिरने से जो घाव हुए हैं वो जल्द ही भर जाएंगे।

संवाददाता
सूरज यादव
अब तक इंडिया न्यूज चैनल
जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही छ.ग.

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Rajesh Kumar Siddharth

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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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