: चाणक्य का जन्म आज से लगभग 2400 साल पहले हुआ था। आचार्य चाणक्य, जिन्हें हम कौटिल्य और विष्णुगुप्त के नाम से भी पहचानते हैं। चाणक्य नालंदा विश्वविधालय के महान आचार्य थे।
आचार्य चाणक्य ने अपने शिष्य चंद्रगुप्त मौर्य की सहायता से यूनानी आक्रमणकारियों को भारत से भगा दिया था। नंद वंश के अत्याचारों से पीड़ित प्रजा को भी मुक्ति दिलाई और अपने संकल्प को पूरा किया।
व्यक्ति अकेले ही पैदा होता है और अकेले ही मर जाता है
और वो अपने अच्छे और बुरे कर्मो का फल खुद ही भुगतता है।
वह अकेले ही नरक या स्वर्ग जाता है।
समय को पहचानना ही मनुष्य के सीखने की
सर्वोत्तम कला मानी गई है।
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फूलों की सुगंध केवल हवा की दिशा में फैलती है,
लेकिन एक इंसान की अच्छाई चारों दिशाओं में फैलती है।
ऋण, शत्रु और रोग को समाप्त कर देना चाहिए।
एक ही देश के दो शत्रु परस्पर मित्र होते हैं।
वृद्ध पुरुषों की सेवा के द्वारा मनुष्य व्यवहार
कुशलता का ज्ञान प्राप्त कर श्रेय की प्राप्ति कर सकता है।
दूसरों की गलतियों से भी सीख लेनी चाहिए,
क्योंकि अपने ही ऊपर प्रयोग करने पर तुम्हारी आयु कम पड़ जाएगी
भगवान मूर्तियों में नहीं है, आपकी अनुभूति आपका इश्वर है,
आत्मा आपका मंदिर है।
अगर सांप जहरीला ना भी हो तो
उसे खुद को जहरीला दिखाना चाहिए।
आपका हमेशा खुश रहना आपके दुश्मनों के लिए सबसे बड़ी सजा है।
लोहे को लोहे से ही काटना चाहिए।
यदि माता दुष्ट है तो उसे भी त्याग देना चाहिए।
सांप को दूध पिलाने से विष ही बढ़ता है, न की अमृत।
भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है।
किसी लक्ष्य की सिद्धि में कभी शत्रु का साथ न करें।
सोने के साथ मिलकर चांदी भी सोने जैसी दिखाई पड़ती है
अर्थात सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर अवश्य पड़ता है।
जो जिस कार्ये में कुशल हो, उसे उसी कार्ये में लगना चाहिए।
शक्तिशाली शत्रु को कमजोर समझकर ही उस पर आक्रमण करें।
धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं।
आग में आग नहीं डालनी चाहिए अर्थात् क्रोधी व्यक्ति को
अधिक क्रोध नहीं दिलाना चाहिए।
शासक को स्वयं योग्य बनकर योग्य प्रशासकों की
सहायता से शासन करना चाहिए।
यदि खुद कुबेर भी अपनी आय से अधिक खर्च करने लगे
तो वह एक दिन निर्धन हो जायेगा।
मूर्खों से अपनी तारीफ सुनने से अच्छा है
कि आप किसी बुद्धिमान की डांट सुनें।
भविष्य के अन्धकार में छिपे कार्य के लिए
श्रेष्ठ मंत्रणा दीपक के समान प्रकाश देने वाली है।
पडोसी राज्यों से सन्धियां तथा पारस्परिक व्यवहार का
आदान-प्रदान और संबंध विच्छेद आदि का निर्वाह मंत्रिमंडल करता है।
कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है।
व्यक्ति को उट-पटांग अथवा गवार वेशभूषा धारण नहीं करनी चाहिए।
शराबी व्यक्ति का कोई कार्य पूरा नहीं होता है।
बिना उपाय के किए गए कार्य प्रयत्न करने पर भी बचाए नहीं जा सकते,
नष्ट हो जाते है।
इस बात को व्यक्त मत होने दीजिये कि आपने क्या करने के लिए सोचा है।
बुद्धिमानी से इसे रहस्य बनाये रखिये और इस काम को करने के लिए दृढ रहिये।
दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति नौजवानी और औरत की सुन्दरता है।
हर मित्रता के पीछे कोई ना कोई स्वार्थ होता है।
ऐसी कोई मित्रता नहीं जिसमे स्वार्थ ना हो। यह कड़वा सच है।
सांप के फन, मक्खी के मुख और बिच्छु के डंक में ज़हर होता है।
पर दुष्ट व्यक्ति तो इससे भरा होता है।
अपमानित हो के जीने से अच्छा मरना है। मृत्यु तो बस एक क्षण का दुःख देती है,
लेकिन अपमान हर दिन जीवन में दुःख लाता है।
वो जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्ज़े मैं है,
वो ज़रुरत पड़ने पर ना अपना ज्ञान प्रयोग कर सकता है ना धन।
एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भ
करना चाहता है। उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे।
जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन,
इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है।
सेवक को तब परखें जब वह काम ना कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई में,
मित्र को संकट में, और पत्नी को घोर विपत्ति में।
कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों।
ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी।
फूलों की सुगंध केवल वायु की दिशा में फैलती है।
लेकिन एक व्यक्ति की अच्छाई हर दिशा में फैलती है।
सबसे बड़ा गुरु मन्त्र है: कभी भी अपने राज़ दूसरों को मत बताएं।
ये आपको बर्वाद कर देगा।
जिस प्रकार एक सूखे पेड़ को अगर आग लगा दी जाये
तो वह पूरा जंगल जला देता है, उसी प्रकार एक पापी पुत्र पुरे परिवार
को बर्वाद कर देता है।
कोई व्यक्ति अपने कार्यों से महान होता है, अपने जन्म से नहीं।
जैसे ही भय आपके करीब आये, उस पर आक्रमण कर उसे नष्ट कर दीजिये।
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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप
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