उपद्रव के पीछे भारत को बदनाम करने की मंशा थी और आरोपित इसमें सफल भी हुए


कानपुर में तीन जून को हुई हिंसा के पीछे मुख्य मकसद केवल चंद्रेश्वर हाता से हिंदुओं को भगाना भर नहीं था, साजिश इससे कहीं बड़ी थी। एसआइटी (विशेष जांच दल) ने हयात जफर एंड कंपनी के रिमांड के लिए अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में बताया है कि उपद्रव के पीछे भारत को बदनाम करने की मंशा थी और आरोपित इसमें सफल भी हुए।

इसी तरह प्रयागराज के अटाला में हुए बवाल के मास्टरमाइंड जावेद पंप के घर में सर्च के दौरान मिले एक पर्चे में दर्ज अपील से भी ऐसे ही संकेत मिले रहे हैं। पर्चे में लिखा है- 'सुनो साथियों, 10 जून को जुमा के दिन अटाला पहुंचना होगा। वहां इकट्ठा होना है। जो भी अड़चन बनेगा, उस पर वार करना होगा। हमें अदालत पर विश्वास नहीं है।' पुलिस ने यहां 59 आरोपितों का पोस्टर जारी कर पहचान शुरू की है।

नुपुर शर्मा के एक विवादास्पद बयान के बाद कानपुर की नई सड़क, दादा मियां का हाता आदि क्षेत्रों में जमकर उपद्रव हुआ था। चंद्रेश्वर हाता का मामला स्थानीय मुद्दा था और उपद्रवियों ने एक तीर से दो निशाने साधे। विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने कोर्ट को दिए रिमांड प्रार्थना पत्र में कहा है कि यह हिंसा भारत को विश्वभर में बदनाम करने की साजिश थी।

कानपुर से ही हिंसा की शुरुआत की वजह उस दिन राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कानपुर में मौजूदगी थी। उस दिन जुमा का दिन भी था। उपद्रवियों को पता था कि इस दिन हिंसा हुई तो विवादास्पद बयान का मामला तत्काल तूल पकड़ लेगा और भारत की बदनामी होगी।

उपद्रव की साजिश रचने वालों की यह योजना सफल भी हुई, क्योंकि तीन जून के बाद अचानक से यह मुद्दा इतना बड़ा हो गया कि खाड़ी देशों के अलावा अलकायदा जैसा आतंकी संगठन भी विवाद में कूद पड़ा। इससे साफ लग रहा है कि यह साजिश कानपुर से बाहर रची गए, जिसमें हयात जफर की बाजार बंदी के आवाहन को आगे रखकर अंजाम दिया गया। पुलिस की जांच जारी है।

बाबर ने जुटाए थे हिंसा कराने को हथियार : उपद्रव में डी-टू (डिस्ट्रिक्ट लेवल नंबर-2) गिरोह के अफजाल की मिलीभगत की जांच कर रही पुलिस को हथियारों के बड़े तस्कर बाबर के भी शामिल होने की जानकारी मिली है। बाबर ने ही हिंसा कराने के लिए आधुनिक असलहों का इंतजाम किया था। बाबर जरायम की दुनिया में बड़ा नाम रहीश बनारसी का भांजा है। वर्ष 2012 में इसे एटीएस ने हथियारों की तस्करी में गिरफ्तार कर जेल भेजा था।पुलिस जांच में अहम साक्ष्य जावेद के घर से मिला पर्चा : प्रयागराज में अटाला बवाल के मास्टरमाइंड जावेद पंप के घर से मिले पर्चे में अटाला पहुंचने और हर अड़चन पर वार के लिए उकसाने की बात हिंदी में टाइप की हुई है। यह पर्चा आधा ही है। पुलिस को इसका दूसरा हिस्सा मिल जाता है तो अहम साक्ष्य बन जाएगा। पुलिस पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पर्चे को किन-किन लोगों तक और कहां तक भेजा गया था। इसमें और कितने लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी भी जुटाई जा रही है। एसएसपी अजय कुमार के अनुसार जावेद पंप मकान ध्वस्तीकरण से पहले सर्च में अन्य आपत्तिजनक वस्तुओं के साथ यह फटा हुआ आधा पेज मिला था। जो कुछ लिखा है उस आधार पर माना जा रहा है कि जावेद पंप का इरादा नापाक था।प्रयागराज में 59 उपद्रवियों का पोस्टर जारी, वसूली के लिए दावा पेश : अटाला में बवाल करने वाले 59 उपद्रवियोंं का पोस्टर बुधवार को पुलिस ने जारी कर दिया। पथराव, आगजनी, तोड़फोड़ में शामिल इन उपद्रवियों के पोस्टर को सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया जा रहा है। इस बीच सीसीटीवी कैमरों की देखरेख करने वाली एलएंडटी कंपनी के अधिकारी की तहरीर पर अज्ञात उपद्रवियों के विरुद्ध एक और मुकदमा कायम किया गया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे व अन्य उपकरण को उपद्रवियों ने क्षतिग्रिस्त कर दिया था। इससे पहले बवालियों के खिलाफ करेली व खुल्दाबाद थाने में पांच मुकदमे लिखे गए थे। दूसरी तरफ नगर निगम, पीएसी एवं पुलिस विभाग की तरफ से अटाला उपद्रव और कानून व्यवस्था बनाए रखने में खर्च हुए करोड़ों की क्षतिपूर्ति के लिए क्लेम कमिश्नर (दावा आयुक्त) के समक्ष करोड़ों रुपये के तीन दावे पेश किए गए हैं।कानपुर में हयात फिर दो दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर : कानपुर के नई सड़क पर हुए उपद्रव के मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी समेत उसके साथी मो. राहिल, मो. सूफियान और मो. जावेद एक बार फिर से दो दिन (गुरुवार और शुक्रवार) पुलिस कस्टडी रिमांड पर रहेंगे। बुधवार को महानगर मजिस्ट्रेट पंचम ने इस बाबत आदेश जारी कर दिए। पुलिस ने बैंक संबंधी साक्ष्य जुटाने के लिए पांच दिन की कस्टडी रिमांड मांगी थी। इससे पहले भी चारों आरोपितों का 52 घंटे के लिए रिमांड पर लिया जा चुका है।प्रयागराज में सात और उपद्रवियों की जमानत अर्जी नामंजूर : प्रयागराज के अटाला बवाल में शामिल सात और उपद्रव के आरोपितों की जमानत अर्जी अपर सीजेएम नीरज कुशवाहा एवं अरुण कुमार ने खारिज कर दी है। खुल्दाबाद के अबरार हुसैन, मोहम्मद परवेज, गुलाम गौस, मोहम्मद अजीम व करेली निवासी इफ्तिखार आलम, मोहम्मद अजीज, मोहम्मद परवेज की ओर से जमानत अर्जी कोर्ट में दाखिल की गई थी। अदालत ने कहा कि लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के अपराध के हैं, इसलिए जमानत का कोई पर्याप्त आधार नहीं है। इसी अदालत से अब तक 21 आरोपितों की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है।

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Rajesh Kumar Siddharth

अब तक इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल

राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप

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