इन चीजों को खरीदने के लिए अब देना होगा अधिक दाम, ये होंगी सस्ती, समझें पूरा कैलकुलेशन


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कई चीजों पर कस्टम ड्यूटी में बदलाव किया गया। इसके बाद आने वाले वित्त वर्ष से कई चीजों के दामों में इजाफा हो जाएगा और कुछ चीजों के दामों कमी देखने में मिलेंगी। आइए जानते हैं किन चीजों के लिए अब लोगों को अधिक दाम चुकाने होंगे। वहीं, किन चीजें पर लोगों को राहत मिलेगी। आइए जानते हैं विस्तार से...

jagran

बजट 2023 में ये चीजें हुई सस्ती 

  • श्रिम्प फीड, पूंजीगत वस्तु, साइकिल और बायोगैस से जुड़ी चीजें सस्ती हो गई हैं।
  • टेलीविजन पैनल पर कस्टम ड्यूटी 5 प्रतिशत से कम कर 2.5 प्रतिशत कर दिया है।
  • लिथियम आयन बैटरी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाई है। इससे वे उत्पाद सस्ते हो जाएंगे, जिनमें बैटरी का उपयोग किया जाता है।
  • बजट में खिलौने पर लगने वाले सीमा शुल्क को घटाकर 13 प्रतिशत कर दिया है। इससे खिलौने की कीमत में कमी आएगी।

बजट 2023 में ये चीजें हुई महंगी

  • सिगरेट पर राष्ट्रीय आपदा आकस्मिक ड्यूटी को 16 फीसदी तक दिया गया है।
  • आयातित इलेक्ट्रिक वाहन, मिश्रित रबर, सिल्वर डोर, नेफ्था, कैमरे के लैंस, विदेशी इलेक्ट्रिक किचन चिमनी महंगी, तांबा आदि भी महंगे हो गए हैं।
  • कंपांउडेड रबर पर टैक्स को 10 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • इलेक्ट्रिक किचन चिमनी पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ा दिया गया है।
  • jagran

    जीएसटी से पड़ता है असर

    बता दें, बजट में टैक्स घटाने या फिर बढ़ाने का असर कुछ ही उत्पादों पर पड़ता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि देश में बिकने वाले 90 प्रतिशत अधिक उत्पाद जीएसटी के दायरे में आते हैं। वर्तमान में जीएसटी की चार दरें- 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत हैं। जीएसटी के इन स्लैब के आधार ही सरकार टैक्स लगाती है।

    आर्थिक प्रगति के कारण इन चीजों को खरीदना हुआ सस्ता

     बजट में बताया गया कि देश की प्रति व्यक्ति आय 1.97 लाख रुपये हो गई है और सरकार लगातार इसे और बढ़ाने के प्रयास कर रही है।

  • आजादी के समय सोफा 650 रुपये में आता था। इसे खरीदने के लिए लोगों को प्रति व्यक्ति के हिसाब से उस समय 2.5 साल का समय लगता था। आज औसत सौफे की कीमत 20,000 रुपये है। मौजूदा प्रति व्यक्ति आय 1.97 लाख रुपये के हिसाब से आज 37 दिनों में ही कोई व्यक्ति सोफा खरीद सकता है।
  • एक फ्रिज की कीमत आजादी के समय करीब 1,600 रुपये थी और इस समय खरीदने के लिए 5.8 साल की सेविंग लगती थी, लेकिन आज के समय में फ्रिज 10,000 में आ जाता है और आप 18-20 दिन की सेविंग में ही फ्रिज खरीद सकते हैं।
  • आजादी के समय अधिकतर कारें आयात होती थीं, इस कारण कार खरीदना काफी महंगा होता था, लेकिन आय स्थिति काफी बदल गई है और आप आसानी से कुल साल बचत करके कार खरीद सकते हैं।

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।