वहां की सरकारों के लिए यह बड़ी समस्या भी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ऐसी घटनाओं में सबसे आगे है।


कनाडा के सस्केचेवान प्रांत में चाकूबाजी की घटना ने एक बार फिर से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यहां दो समुदायों के बीच आपसी विवाद के बाद 10 लोगों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस दिल दहला देने वाली वारदात में 15 लोग घायल भी हुए हैं। 

हालांकि, यह पहला मौका नहीं है जब चाकूबाजी की इतनी बड़ी घटना सामने आई है। अमेरिका में गन कल्चर की तरह कई ऐसे देश हैं, जहां चाकूबाजी अब आम बात बन चुकी है। वहां की सरकारों के लिए यह बड़ी समस्या भी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ऐसी घटनाओं में सबसे आगे है। आइए जानते हैं चाकूबाजी की उन वारदातों के बारे में, जिन्होंने दुनिया को दहला कर रख दिया...

एक मार्च 2014 को चीन के यूनान प्रांत की राजधानी कन्मिंग में हुए इस हत्याकांड ने सभी को दहला कर रख दिया था। यहां के एक रेलवे स्टेशन पर महिला व पुरुष के आठ लोगों के समूह ने भीड़ पर हमला कर दिया। इस घटना में 31 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 141 लोग घायल हुए थे। हमलावरों ने एक ही तरह के काले कपड़े पहने हुए थे। 26 जुलाई, 2016 में जापान के टोक्यो में सागामिहारा में हुई इस चाकूबाजी में 19 लोगों की हत्या कर दी गई थी। यहां विकलांग लोगों के लिए बनाए गए एक सेंटर पर हमला किया गया था। इस वारदात में 26 लोग घायल हुए थे। हमले के बाद हमलावर ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। 3 जून 2017 को लंदन में रात 10 बजे के आसपास हुए इस हमले में आठ लोगों की मौत हो गई थी और 48 अन्य लोग घायल हो गए। घटना के दौरान पुलिस बल के पांच सदस्य भी घायल हो गए थे। इस वारदात में तीन हमलावरों को पकड़ा गया था। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने 46 राउंड फायर किए थे। जाने-माने लेखक सलमान रुश्दी पर भी न्यूयॉर्क में इसी तरह का हमला हुआ था। हमलावर ने उन पर 20 सेकंड में कई वार किए थे। इसके तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। हमलावर की पहचान हादी मतार के रूप में हुई थी।   

 

 

 


 

 

 

 

 

 

 

 

नवीनतम न्यूज़ अपडेट्स के लिए Facebook, Instagram, Twitter पर हमें फॉलो करें और लेटेस्ट वीडियोज़ के लिए हमारे YouTube चैनल को भी सब्सक्राइब करें।


Leave a Comment:

महत्वपूर्ण सूचना -

भारत सरकार की नई आईटी पॉलिसी के तहत किसी भी विषय/ व्यक्ति विशेष, समुदाय, धर्म तथा देश के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी दंडनीय अपराध है। इस प्रकार की टिप्पणी पर कानूनी कार्रवाई (सजा या अर्थदंड अथवा दोनों) का प्रावधान है। अत: इस फोरम में भेजे गए किसी भी टिप्पणी की जिम्मेदारी पूर्णत: लेखक की होगी।