बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, लेबर कोड,अग्निपथ योजना के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने दिया ज्ञापन- गंगेश्वर दत्त शर्मा


बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, लेबर कोड,अग्निपथ योजना के विरोध में माकपा कार्यकर्ताओं ने दिया ज्ञापन- गंगेश्वर दत्त शर्मा

नोएडा,बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, मजदूर विरोधी लेबर कोड़,युवा विरोधी अग्नीपथ योजना के विरोध में तथा आम जनता के ज्वलंत मुद्दों/ मांगो व राशनिंग व्यवस्था में सुधार हेतु भंगेल फेस-2 नोएडा कन्या इंटर कॉलेज पर माकपा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी गौतम बुध नगर के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री भारत सरकार व माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर सी.ओ. श्री सुदीप कुमार उपाध्याय जी ने आकर लिया और उन्होंने आश्वासन दिया कि ज्ञापन को केंद्र व प्रदेश सरकार को भेज दिया जाएगा और जिला स्तर की जो भी मांगे हैं उनका समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए माकपा जिला प्रभारी गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि हमारी पार्टी ने जनता के ज्वलंत मुद्दों पर पूरे जून महा अभियान चलाया जिसमें जनसंपर्क, पर्चा वितरण, नुक्कड़ सभा, जगह-जगह प्रदर्शन आयोजित किए गए और आज पार्टी का जिलाधिकारी कार्यालय सूरजपुर ग्रेटर नोएडा पर प्रदर्शन के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देने का कार्यक्रम था लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के अनुरोध पर कार्यक्रम में बदलाव कर भंगेल फेज- 2, कन्या इंटर कॉलेज पर हमारे कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया हमें उम्मीद है कि हमारी समस्याओं/ मांगों पर शासन प्रशासन उचित कार्रवाई करेंगे यदि ज्ञापन में दी गई मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो हमारी पार्टी बड़ा आंदोलन करने को विवश होगी।
कार्यक्रम में सीटू नेता राम सागर, जनवादी महिला समिति के नेता रेखा चौहान, माकपा कार्यकर्ता राजकरण सिंह, रामस्वारथ, गुड़िया देवी आदि उपस्थित रहे।

सेवा में,
माननीय प्रधानमंत्री जी,
भारत सरकार, नई दिल्ली।
एवं
माननीय मुख्यमंत्री जी,
उत्तर प्रदेश सरकार,लखनऊ।
एवं
श्रीमान जिला खादृय आपूर्ति अधिकारी महोदय,
जनपद गौतमबुद्धनगर।
द्वारा
श्रीमान जिलाधिकारी महोदय
जनपद गौतमबुद्धनगर।

विषय:- आम जनता के ज्वलंत मुद्दों/ मांगो एवं राशनिंग व्यवस्था में सुधार हेतु ज्ञापन पत्र।

मान्यवर,
हमारी पार्टी आपका ध्यान बढ़ती हुई महंगाई और बेरोजगारी की ओर दिलाना चाहती है,देश व प्रदेश में आपकी सरकार स्थापित होने के बाद अंधाधुन्द खाद्य एवं पेट्रोलियम पदार्थों के दाम बेतहाशा बढ़ रहे हैं। वर्ष 2014 में सरसों का तेल 65 रुपए लीटर, अरहर की दाल 72 रुपए किलो, मूंग दाल 87 रुपए किलो, घरेलू गैस सिलेंडर 410 रुपए, पेट्रोल 72.26 रुपए लीटर, तथा डीजल 55.48 रुपए लीटर बिक रहा था, और अब जून 2022 में सरसों तेल 200 रुपए लीटर, अरहर दाल 110 रुपए किलो,मूंग दाल 120 रुपए किलो,घरेलू गैस सिलेंडर 1003 रुपए,पेट्रोल 96.72 रुपए लीटर तथा डीजल 89.68 रुपए लीटर कीमत हो गयी है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि महंगाई ने थालियों से रोटी छीन ली है, बच्चों से उनकी शिक्षा और बीमारों से उनका इलाज छीन लिया है, पहले से ही मौजूद भयंकर बेरोजगारी और घटते वेतन के बीच महंगाई की अभूतपूर्व मार से जनता पूरी तरह त्रस्त है।
केंद्र व प्रदेश सरकार की नीतियां महंगाई के लिए पूरी तरह जिम्मेदार हैं और सरकार महंगाई का ठीकरा यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध जैसे बाहरी कारणों पर फोड़ना चाह रही है। पिछले 8 सालों में हमारे देश के किसानों ने धान-गेहूं की पैदावार 22 फ़ीसदी और दालों की पैदावार 49 फ़ीसदी बढ़ा दी है, इसका फायदा भारत की जनता को सस्ते अनाज व दाल के रूप में मिलना चाहिए था लेकिन हो इसके ठीक उलट रहा है। जनता की पहुंच से सामान्य खाने की चीजें भी दूर होती जा रही हैं।
देश में बढ़ती महंगाई का सबसे बड़ा कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी है। इनकी कीमतों में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार द्वारा लिए जाने वाले टैक्सों का है। पिछले दिनों सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में 8 रुपए लीटर, डीजल पर 6 रुपए लीटर और उज्जवला योजना के तहत घरेलू गैस सिलेंडर पर करीब 200 रुपए की मामूली कटौती की है। सरकार इसे महंगाई से बड़ी राहत देने वाला कदम बता रही है। सच्चाई तो यह है कि पेट्रोल-डीजल और गैस में लगातार जबरदस्त बढ़ोतरी करने के बाद यह मामूली सी कटौती की गई है।
मेहनतकश जनता तो राशन व्यवस्था पर पूरी तरह निर्भर है और इसके लिए राशन प्रणाली को मजबूत करना बहुत ही जरूरी है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार लोगों से राशन कार्ड छीन रही है। सरकार ने राशन के कार्ड के लिए ऐसे नए मापदंड जारी किए हैं जिसके कारण अधिकांश जनता राशन व्यवस्था से ही बाहर हो गई है साथ ही धमकी भरी सरकारी घोषणाओं के बाद पिछले कुछ दिनों में ही गौतमबुद्धनगर में हजारो राशन कार्ड रद्द किए जा चुके हैं। माह अप्रैल 2022 में तो राशन का वितरण ही नहीं किया गया और अब तो गेहूं के बदले केवल चावल का वितरण किया जा रहा है। राशन दुकानों के खुलने की अनियमितता के कारण कई मजदूर परिवारों को राशन ही नहीं मिल पाता है, इसके अलावा जन संख्या के अनुपात में राशन दुकानों की संख्या बहुत ही कम है और कई दुकानों पर राशन लेने के लिए काफी दूर पैदल चल कर जाना पड़ता है जिसमें महिलाओं को भारी कठिनाई होती है। उत्तर प्रदेश में राशन वितरण प्रणाली में बहुत खामियां हैं।
जबकि इसका विकल्प भी संभव है। क्योंकि भारत देश में ही केरल की वामपंथी सरकार द्वारा पूरे राज्य में ऐसी सरकारी दुकानें चलाई हैं जहां आम जरूरत की 16 वस्तुओं को आज भी वर्ष 2016 के बाजार भाव पर उपलब्ध कराया जा रहा है। यह अगर केरल सरकार कर सकती है तो उत्तर प्रदेश की सरकार क्यों नहीं कर सकती है ?
इस पूरे संकट का कारण सरकार की नव उदारवादी तथा पूंजी परस्त नीतियां ही हैं, जिससे एक तरफ मुट्ठी भर लोग अरबपति बनते जा रहे हैं और दूसरी तरफ अधिकांश जनता को जीवन यापन का आज भी संकट झेलना पड़ रहा है। और जनता विरोधी इन नीतियों को बदले बिना महंगाई और बेरोजगारी से मुक्ति संभव नहीं है। इसलिए आज 30 जून 2022 को इस धरना प्रदर्शन के माध्यम से हमारी मांग है:-
* पेट्रोलियम उत्पादों पर सभी उपकर वापस लिए जाएं ।
* पेट्रोल डीजल व रसोई गैस के दाम कम किए जाएं तथा बेतहाशा महंगाई को रोकने के लिए कुछ कदम उठाए जाएं।
* सभी आवश्यक वस्तुओं, जिसमें विशेषकर दाल और खाद्य तेल को सार्वजनिक वितरण प्रणाली में शामिल किया जाए और पूरा राशन मुफ़्त दिया जाय।
* राशन की दुकानों की संख्या को बढ़ाया जाय। तथा जिन गरीब पात्र लोगों के राशन कार्ड नहीं बने हैं उनके राशन कार्ड बनाए जाएं।
* घट तौली, कालाबाजारी करने वाले राशन डीलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अपनाते हुए उनके लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
* सभी गैर आयकर दाता परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपए भत्ता मुहैया कराया जाए।
* मनरेगा की तर्ज पर शहरी इलाकों के लिए रोजगार गारंटी योजना का कानून बनाया जाए। बेरोजगारी भत्ते के लिए एक केंद्रीय योजना का कानून बनाया जाए।
* मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द किए जाएं तथा बढ़ती महंगाई के मद्देनजर श्रमिकों का न्यूनतम वेतन ₹21000 घोषित किया जाए।
* रेहड़ी पटरी फुटपाथ के पथ विक्रेताओं के उत्पीड़न पर रोक लगाकर पथ विक्रेता अधिनियम के तहत सभी का सर्वे कर लाइसेंस देकर उन्हें रोजगार करने दिया जाए।
* अग्निपथ योजना वापस ली जाए।
* तमाम सरकारी खाली पदों पर तुरंत भर्ती की जाए।
अतः माननीय आपसे अनुरोध है कि ज्ञापन में दी जा रही मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करके इन्हें लागू करने/कराने का कष्ट करें जिससे आम जनता को राहत मिल सके।
धन्यवाद।

भवदीय,

गंगेश्वर दत्त शर्मा
जिला प़भारी
सीपीआई(एम) गौतमबुद्धनगर

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