लखनऊ। दीपावली के अवसर पर स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार मिट्टी के दीये, सजावटी सामान, मोमबत्तियां और हस्तशिल्प उत्पाद बाजारों में दिखाई दे रहे हैं। पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी से कुम्हारों और छोटे उत्पादकों को आर्थिक सहायता मिलती है।
स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से रोजगार और पारंपरिक कला को संरक्षण मिलता है। नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे त्योहार पर स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी कर छोटे कारोबार को मजबूत करें।
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