भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस स्थापना से वर्तमान तक संघर्ष, बलिदान और जनकल्याण की अविराम यात्रा


भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

स्थापना से वर्तमान तक संघर्ष, बलिदान और जनकल्याण की अविराम यात्रा

(दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और किसान समाज के विशेष संदर्भ में)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्थापना दिवस के पावन अवसर पर देशभर के समस्त कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों, समर्थकों एवं लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले प्रत्येक नागरिक को हार्दिक शुभकामनाएं।
कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, विचारधारा और जनआकांक्षाओं का सशक्त प्रतीक रही है। यह वह संगठन है जिसने भारत को आज़ादी दिलाई, संविधान दिया और सामाजिक न्याय की नींव रखी।

आज जब हम कांग्रेस के स्थापना दिवस को मना रहे हैं, तब यह आवश्यक हो जाता है कि हम कांग्रेस की 135 वर्ष से अधिक की ऐतिहासिक यात्रा, उसके संघर्ष, बलिदान और विशेष रूप से दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और किसानों के लिए किए गए कार्यों को स्मरण करें।

1. कांग्रेस की स्थापना: गुलामी के अंधकार में आज़ादी की मशाल

28 दिसंबर 1885 को बंबई (अब मुंबई) में ए.ओ. ह्यूम के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना हुई।
आरंभ में यह एक राजनीतिक मंच था, लेकिन शीघ्र ही यह भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की रीढ़ बन गया।

दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, बदरुद्दीन तैयबजी जैसे नेताओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल सत्ता नहीं, बल्कि भारत को अंग्रेज़ी दासता से मुक्त कराना है।

2. स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की ऐतिहासिक भूमिका

(क) महात्मा गांधी और जनांदोलन

1915 में महात्मा गांधी के आगमन के बाद कांग्रेस एक जनांदोलन बन गई।
चंपारण सत्याग्रह (किसानों के लिए),
खेड़ा आंदोलन,
अहमदाबाद मिल मज़दूर संघर्ष—
ये सभी कांग्रेस की किसान और श्रमिक पक्षधरता के उदाहरण हैं।

(ख) असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन

1920: असहयोग आंदोलन

1930: नमक सत्याग्रह

1942: भारत छोड़ो आंदोलन

इन आंदोलनों में किसान, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिलाएं—सब शामिल थे
कांग्रेस ने पहली बार राजनीति को महलों से निकालकर खेत-खलिहानों तक पहुँचाया।

3. दलित समाज और कांग्रेस

(क) सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष

कांग्रेस ने हमेशा छुआछूत, जातिगत उत्पीड़न और सामाजिक असमानता के विरुद्ध आवाज़ उठाई।

महात्मा गांधी ने हरिजन आंदोलन चलाया।
कांग्रेस ने मंदिर प्रवेश आंदोलन, शिक्षा और समान अधिकारों की लड़ाई लड़ी।

(ख) संविधान और आरक्षण

डॉ. भीमराव अंबेडकर के नेतृत्व में बना भारतीय संविधान—

समानता का अधिकार

अस्पृश्यता का अंत

अनुसूचित जातियों के लिए आरक्षण

यह सब कांग्रेस सरकार के दौरान संभव हुआ

4. पिछड़ा वर्ग और सामाजिक न्याय

(क) मंडल आयोग

पिछड़े वर्गों को राजनीतिक, सामाजिक और शैक्षणिक अधिकार दिलाने में कांग्रेस की भूमिका ऐतिहासिक रही।

काका कालेलकर आयोग

मंडल आयोग की स्थापना (1979)

बाद में इन्हीं सिफारिशों से ओबीसी को आरक्षण मिला।

(ख) शिक्षा और अवसर

कांग्रेस ने सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों और प्रशासन में पिछड़ों की भागीदारी सुनिश्चित करने का मार्ग प्रशस्त किया।

5. अल्पसंख्यक समाज और कांग्रेस

(क) धर्मनिरपेक्षता की रक्षा

कांग्रेस ने भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाए रखा।
यहाँ हर धर्म, हर भाषा, हर संस्कृति को समान सम्मान मिला।

(ख) सुरक्षा और विकास

अल्पसंख्यकों के शैक्षणिक संस्थान

छात्रवृत्ति योजनाएं

सांप्रदायिक हिंसा के विरुद्ध सख्त रुख

कांग्रेस ने हमेशा अल्पसंख्यकों को डर नहीं, भरोसा दिया

6. किसान और कांग्रेस: खेत से संसद तक

(क) ज़मींदारी प्रथा का अंत

आज़ादी के बाद कांग्रेस सरकार ने ज़मींदारी उन्मूलन कानून लाकर करोड़ों किसानों को जमीन का मालिक बनाया।

(ख) हरित क्रांति

लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गांधी के नेतृत्व में

हरित क्रांति

सिंचाई परियोजनाएं

न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की शुरुआत

भारत को खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बनाया।

(ग) किसान हितैषी योजनाएं

कृषि ऋण

सहकारी आंदोलन

ग्रामीण बैंक

मनरेगा (ग्रामीण रोज़गार)

7. महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए कांग्रेस

पंचायती राज में 33% आरक्षण

शिक्षा में समान अवसर

स्वयं सहायता समूह

मातृत्व सुरक्षा योजनाएं

कांग्रेस ने महिला सशक्तिकरण को केवल नारा नहीं, नीति बनाया।

8. आधुनिक भारत का निर्माण: कांग्रेस का योगदान

IIT, IIM, AIIMS

भाखड़ा नांगल, हीराकुंड बांध

ISRO, DRDO

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम

यह सब कांग्रेस की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम है।

9. वर्तमान दौर में कांग्रेस का संघर्ष

आज कांग्रेस विपक्ष में होते हुए भी

संविधान की रक्षा

लोकतंत्र की मजबूती

किसानों, युवाओं और गरीबों की आवाज़

लगातार उठा रही है।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा ने
नफरत के खिलाफ मोहब्बत,
डर के खिलाफ संविधान की लड़ाई को नई ऊर्जा दी।

10. स्थापना दिवस का संदेश

कांग्रेस का स्थापना दिवस हमें यह याद दिलाता है कि—

सत्ता अस्थायी है

विचारधारा स्थायी है

जनसेवा ही राजनीति का उद्देश्य है

समापन

आज आवश्यकता है कि हम कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुँचाएं,
किसानों, दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और युवाओं को संगठित करें।

राजेश कुमार सिद्धार्थ
प्रदेश उपाध्यक्ष, किसान कांग्रेस
152 विधानसभा सिधौली
जनपद सीतापुर

आप जैसे समर्पित कार्यकर्ता कांग्रेस की असली ताकत हैं,
जो गाँव-गाँव, घर-घर जाकर
कांग्रेस की नीतियों और संघर्ष की कहानी सुना रहे हैं।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ज़िंदाबाद
संविधान ज़िंदाबाद
किसान–मज़दूर–गरीब एकता ज़िंदाबाद

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