राजेश कुमार सिद्धार्थ किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष के बढ़ते कदम


सीतापुर।
विधानसभा क्षेत्र 152 सिधौली में आयोजित एक ऐतिहासिक सभा में किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष एवं मीडिया प्रभारी श्री राजेश कुमार सिद्धार्थ ने महान समाजवादी विचारक और संघर्षशील नेता स्वर्गीय ललई सिंह यादव जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन और संघर्षों को याद किया। सभा स्थल पर भारी संख्या में किसान, मजदूर, महिलाएँ, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे। यह आयोजन न सिर्फ स्मृति सभा था, बल्कि किसानों और आम जनता की समस्याओं को केंद्र में रखकर आयोजित एक जनजागरण अभियान भी बन गया।

ललई सिंह यादव की विरासत पर चर्चा

अपने संबोधन की शुरुआत में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि ललई सिंह यादव जी का जीवन एक ऐसा दीपक है जो हमेशा गरीब, दलित, पिछड़े और वंचित समाज के लिए रास्ता दिखाता रहेगा। उन्होंने समाज को जागरूक करने और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने में अपना पूरा जीवन समर्पित किया। वे मानते थे कि समाज का विकास तभी संभव है जब हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान मिले।

श्री सिद्धार्थ ने कहा कि आज जब देश और प्रदेश में किसान, मजदूर, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग उपेक्षा का शिकार हो रहे हैं, तब ललई सिंह यादव के विचार और संघर्ष और भी ज्यादा प्रासंगिक हो जाते हैं। हमें उनकी बताई राह पर चलकर समाज के कमजोर वर्गों की आवाज को और बुलंद करना होगा।

किसानों की समस्याओं पर सीधा प्रहार

सभा में बोलते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि आज का किसान कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है। महंगाई, खाद-बीज की किल्लत, बिजली की बढ़ती दरें और सिंचाई की समस्याओं ने उसकी जिंदगी को मुश्किल बना दिया है। गन्ना किसानों का भुगतान महीनों से बकाया है, किसान अपनी उपज को लागत मूल्य से भी कम पर बेचने को मजबूर है। सरकार बड़ी-बड़ी घोषणाएँ करती है, लेकिन धरातल पर किसानों को कोई राहत नहीं मिलती।

उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस अन्नदाता की मेहनत से पूरा देश पेट भरता है, वही किसान आज आत्महत्या करने को मजबूर है। सरकारें किसानों की दुर्दशा देखकर भी मौन साधे बैठी हैं। ऐसे समय में किसान कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी ही वह ताकत है जो किसानों के मुद्दे को गंभीरता से उठाती है।

युवाओं और बेरोजगारी का मुद्दा

सभा में युवाओं की बड़ी भागीदारी रही। इस मौके पर राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं लेकिन बेरोजगारी ने उनके सपनों को तोड़ दिया है। लाखों डिग्रीधारी युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। सरकारी भर्तियाँ वर्षों तक लटकी रहती हैं और निजी क्षेत्र में शोषण बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि ललई सिंह यादव जी ने हमेशा युवाओं को संघर्ष और जागरूकता की राह दिखाई थी। उसी राह पर हमें युवाओं को संगठित कर समाज परिवर्तन की लड़ाई में आगे लाना होगा।

दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यकों की आवाज

राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि समाज के सबसे कमजोर तबके—दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक—आज भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वे वंचित हैं। उन्होंने कहा कि किसान कांग्रेस का मंच हर उस व्यक्ति का है जो हाशिये पर खड़ा है और जिसे न्याय की दरकार है।

जनता से सीधा संवाद

सभा के दौरान जब-जब राजेश कुमार सिद्धार्थ ने किसानों, मजदूरों और गरीबों की समस्याओं का जिक्र किया, तब-तब जनता ने तालियों की गड़गड़ाहट और नारों से उनका समर्थन किया। उपस्थित लोगों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि वे इस संघर्ष में उनके साथ खड़े रहेंगे। ग्रामीणों ने कहा कि आज की राजनीति में बहुत कम नेता ऐसे हैं जो सच्चे मन से किसानों और गरीबों की बात करते हैं।

जनता की मांगें और कार्यकर्ताओं की पहल

सभा में कार्यकर्ताओं ने कई मुद्दे उठाए—

खाद-बीज की कालाबाजारी पर रोक लगे।

गन्ना किसानों का बकाया भुगतान तुरंत हो।

बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार गारंटी योजना बने।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जाए।

दलितों और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी हो।

इन सभी मुद्दों पर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि वे इन्हें जिलास्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक मजबूती से उठाएँगे और जरूरत पड़ने पर सड़क से सदन तक संघर्ष करेंगे।

भविष्य की रणनीति

सभा में राजेश कुमार सिद्धार्थ ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में किसानों और आम जनता की समस्याओं को लेकर विधानसभा 152 सिधौली से एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब जनता एकजुट होकर आवाज उठाती है तो बड़ी से बड़ी ताकत को झुकना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी राजनीति का उद्देश्य पद और प्रतिष्ठा पाना नहीं बल्कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति की सेवा करना है।

सभा का माहौल

सभा स्थल पर सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। महिलाएँ, बुजुर्ग, युवा और किसान अपने-अपने गाँवों से झंडे और बैनर लेकर पहुँचे। “किसान की लड़ाई जो लड़ेगा, वही हमारा नेता बनेगा” और “राजेश कुमार सिद्धार्थ जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।

सभा का संचालन स्थानीय कार्यकर्ताओं ने किया। मंच पर कई गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और किसान नेता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि आज समय की मांग है कि किसानों और गरीबों की आवाज बुलंद करने वाले नेता को आगे लाया जाए।

श्रद्धांजलि और संकल्प

कार्यक्रम के अंत में सभी ने दो मिनट का मौन रखकर स्वर्गीय ललई सिंह यादव जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद राजेश कुमार सिद्धार्थ ने कहा कि ललई सिंह यादव का जीवन हमें यह सिखाता है कि संघर्ष और बलिदान से ही बदलाव संभव है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे जात-पात और धर्म के नाम पर बाँटने वाली ताकतों से दूर रहें और अपने असली मुद्दों को लेकर संघर्ष करें।

सभा का समापन जनता के इस संकल्प के साथ हुआ कि वे आने वाले समय में किसानों, मजदूरों और गरीबों की लड़ाई को और तेज करेंगे और राजेश कुमार सिद्धार्थ के नेतृत्व में संघर्ष की नई इबारत लिखेंगे।

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