हमारी तरफ से दुनिया के हर पापा को हैप्पी फादर्स डे 2022: पिता का दिन या पिता दिवस यानी फादर्स डे
दुनिया में केवल पिता ही एक ऐसा इंसान है जो चाहता है की मेरे बच्चे मुझसे भी ज्यादा कामयाब हों।
पिता सिर्फ दो चीज देकर जाता है, नसीहत और वसीयत, वसीयत तो शायद एक दिन खत्म हो जाए लेकिन अगर नसीयत साथ रखोगे तो बहुत आगे जाओगे।
धरती सा धीरज दिया और आसमान सी ऊँचाई है, जिंदगी को तरस के खुदा ने ये तस्वीर बनाई है, हर दुःख बच्चों का खुद पे वो सह लेते है, उस खुदा की जीवित प्रतिमा को हम पिता कहते हैं।
हमारी जिंदगी में "पिता" वो महान शख्स है जो हमारे सपने पुरे करने के लिए अपने सपनों की धरती को बंजर छोड़ देते हैं।
जेब खाली हो फिर भी मना करते नहीं देखा, मैंने पापा से अमीर इंसान कभी नहीं देखा।
जीवन में पिता का स्थान प्रभु से कम नहीं है, पिता सदा हमारा ध्यान रखते है और निस्वार्थ प्यार करते हैं।
पिता नीम के पेड़ के जैसा होता है जिसके पत्ते भले ही कड़वे हो पर छाया हमेशा ठंडी देता हैं।
इस दुनिया में बिना स्वार्थ के केवल माँ-बाप ही आपको प्यार करते हैं।
पिता वो है जो आपको गिरने से पहले थाम लेता है लेकिन आपको ऊपर उठाने की बजाय आपके कपड़े झाड़ता है और आपको फिर से कोशिश करने के लिए कहता हैं।
मुझे रख दिया छाँव में, खुद जलते रहे धुप में, मैंने देखा है एक ऐसा फरिश्ता अपने पिता के रूप में।
अपने पिता की बातें सुनो, उनको समय जरूर दो, क्योंकि उन्होंने आपकी बातें तब भी सुनी थी जब आप बोलना भी नहीं जानते थे।
जब मैं सुबह उठा तो कोई बहुत थक कर भी काम पर जा रहा था वो थे "पापा"।
एक बेटी का कहना, मुझे पापा से ज्यादा शाम अच्छी लगती है क्योंकि पापा तो सिर्फ खिलोने लाते है लेकिन शाम तो पापा को लाती हैं।
खुशियों से भरा हर लम्हा होता है, जिंदगी में सुनहरा हर कल होता है, मिलती है कामयाबी उन को जिनके साथ पिता हर पल होता हैं।
हर पिता का बेटी से दिल का रिश्ता होता है तभी तकलीफ बेटी को हो तो दर्द पिता को होता हैं।
दुनिया में पापा ही एक ऐसा होता है जो अपनी औलाद को अपने से सदा आगे बढ़ते देखना चाहता हैं।
बोझ कितना भी हो लेकिन कभी उफ़ तक नहीं करता, कन्धा बाप का बड़ा मजबूत होता हैं।
परेशानी कोई जो कभी मन में रहे, जान जाते है पापा बिना कुछ कहे।
सपने तो मेरे थे पर उन्हें पूरा करने का रास्ता कोई और बताए जा रहा था, वो थे पापा।
मन की बात जान ले जो, आँखों से ही पढ़ ले जो, ख़ुशी हो या गम, आँसू की पहचान कर ले, पापा ही तो है वो हस्ती, जो बेपनाह प्यार करें।
पिता एक बच्चे की तरह खेल सकता है, एक दोस्त की तरह सलाह दे सकता है और एक अंगरक्षक की तरह रक्षा कर सकता हैं।
एक अच्छा पिता हमारे समाज में सबसे अधिक मूल्यवान, अपरिवर्तित और अभी तक सबसे मूल्यवान संपत्ति में से एक हैं।
जो तुम्हारी ख़ुशी के लिए हार माँ सकता है उस व्यक्ति से आप कभी जीत नहीं सकते, वो है पापा।
चुप्पी से देखभाल सिर्फ एक शख्स ही कर सकता है "पापा"।
पिता की मौजूदगी सूरज की तरह होती है, सूरज गर्म जरूर होता है लेकिन अगर न हो तो अँधेरा छा जाता हैं।
आज पापा की वो बात समझ आती है, जब वो कहा करते थे की बेटा, जब तुम खुद कमाओगे तब तुम्हें पैसे की कीमत पता चलेगी।
पिता ईश्वर का दूसरा रूप होता हैं।
हमारी जिंदगी में पापा सबसे ज्यादा महत्व रखता हैं।
ईश्वर का दिया हुआ अनमोल तोहफा है पापा।
पापा आप मेरा वो गूरूर है जो कोई भी कभी भी नहीं तोड़ सकता।
बेमतलब सी इस दुनिया में वो ही हमारी शान है, किसी शख्स के वजूद की "पिता" ही पहली पहचान हैं।
दुनिया में हर इंसान अपना दुःख किसी न किसी के साथ साझा कर ही लेता है लेकिन एक बाप है जो अपना दुःख किसी से साझा नहीं करता हैं।
पिता, जिनके होने का एहसास कभी नहीं होता लेकिन ना होने का एहसास बहुत बुरा होता हैं।
पिता का प्यार मुफ्त में मिलता है शायद इसलिए उसकी कोई कदर नहीं करता, बाकि हर रिश्ते की कीमत चुकानी पड़ती हैं।
बाप अमीर हो या गरीब औलाद के लिए बादशाह होता हैं।
इस बात में कोई शक नहीं है की धरती पर भी भगवान होते हैं।
पेड़ तो अपना फल खा नहीं सकते इसलिए हमें देते है लेकिन कोई अपना पेट खाली रखकर भी मेरा पेट भरे जा रहा था, वो था पापा।
परमात्मा का दूसरा रूप पिता है।
पिता एक वृक्ष है जिसकी शीतल छाँव में पूरा परिवार सुख से रहता हैं।
बच्चे का जन्म माँ की गर्भ से होता है लेकिन पिता की आत्मा से होता है इसलिए बेटे को "आत्मज" कहते हैं।
जिनके पास पिता है उन्हें उनकी कदर नहीं है, जिन्हें पिता की कदर है उनके पास पिता नहीं, पिता की अहमीयत क्या है ये बात किसी अनाथ से पूछो तो पता चलेगा।
किसी ने पूछा: वो कौन सी जगह है जहाँ हर गलती, हर जुर्म और गुनाह माफ़ हो जाता है? बच्चे ने मुस्कुराते हुए कहा, मेरे पापा का दिल।
दोनों समय का भोजन माँ बनाती है तो जीवन भर भोजन की व्यवस्था करने वाले पिता को हम सहज ही भूल जाते हैं।
दुनिया के दो सबसे असंभव काम माँ की ममता और पिता की क्षमता का अंदाजा लगा पाना।
पूरी दुनिया जीत कर भी अगर माँ बाप का दिल ना जीता तो वो जीत हार के समान हैं।
रुलाना हर किसी को आता है और हँसाना भी हर किसी को आता है पर रुला कर जो मना ले वो पापा है और जो रुला कर खुद भी रो पड़े वही माँ हैं।
माता-पिता की जितनी जरूरत हमें बचपन में होती है, उतनी ही जरूरत उन्हें बुढ़ापे में हमारी होती हैं।
माँ के बगैर घर सुना होता है और बाप के बिना जिंदगी।
दिमाग में दुनिया भर की टेंशन और दिल में सिर्फ अपने बच्चों की फिक्र, वो शख्स कोई और नहीं वो है पिता।
जिस घर में माँ-बाप हँसते है उस घर में ईश्वर बसते हैं।
ना जरूरत उसे पूजा और पाठ की, जिसने सेवा करी अपने माँ-बाप की।
माँ-बाप हमें शहजादों की तरह पालते है, लिहाजा हमारा फर्ज बनता है की बुढ़ापे में हम उन्हें बादशाहों की तरह रखें।
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राजेश कुमार सिद्धार्थ अबतक मीडिया ग्रुप के संपादक-इन-चीफ हैं, जिन्हें 25 वर्षों से अधिक का पत्रकारिता जगत में अनुभव प्राप्त है, और जो अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता से अबतक मीडिया ग्रुप
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