12 गरीबों को कंबल नहीं दिया गया। कारण गरीब बिना कंबल के ही घर लौट गए।


मड़ियाहूं तहसील में बदइंतजामी के चलतेजिसके 12 गरीबों को कंबल नहीं दिया गया। कारण गरीब बिना कंबल के ही घर लौट गए। कंबल लेने पहुंचे गरीबों को कड़कड़ाती ठंड के बावजूद कुछ को कुर्सी दिया गया और कुछ गरीबों को बिना दरी बिछाए ही संगमरमर के पर्श पर बैठा दिया गया। जिसके कारण गरीब कांपते रहे और अधिकारी वीआईपी कुर्सी पर बैठकर मुस्कुराते रहे।
बुधवार को तहसील प्रांगण में शासन की तरफ से गरीबों में वितरित करने के लिए 200 कंबल आया था। तहसील क्षेत्र के हल्का लेखपाल अपने अपने क्षेत्रों से चिन्हित कर गरीबों को बुला लिया। जो 10:00 बजे तहसील प्रांगण में कंबल लेने के लिए पहुंच गए। उनको बैठने के लिए सभागार खोल दिया गया। लेकिन सभागार में 50 से ही कम कुर्सियां लगाई गई थी और मुसहरों एवं अन्य जरूरतमंद गरीबों की संख्या 200 के ऊपर मौके पर बुलाया गया था जिसके कारण तहसील प्रांगण में बद इंतजामी की कड़ियां शुरू हो गई। सभागार में व्यवस्था नहीं होने से मुसहर महिलाएं बाहर जमीन पर ही बैठी रही।
12:00 बजे तक तहसील प्रांगण में बैठे जरूरतमंद गरीबों को कंबल नहीं वितरित किया जा सका जिसके कारण वह भूख प्यास से भी बिलखते रहे।जब इस संबंध में गरीबों ने हल्का लेखपाल से पूछा तो उन्होंने बताया कि अभी क्षेत्र के विधायक अपने हॉस्पिटल पर मरीजों का ऑपरेशन कर रहे हैं वह 2:00 बजे आएंगे तब जाकर आप को कंबल मिलेगा।
गरीबों को तहसील के कानूनगो और हल्का लेखपाल कड़कड़ाती ठंड के बावजूद उन्हें कुर्सियां न देकर संगमरमर के फर्श पर बैठा दिया गया जिसके कारण उनको और ठंड लगने लगी। करीब 2:00 बजे विधायक अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचे तो तहसील सभागार में उपस्थित पत्रकारों ने विधायक एवं एसडीएम मड़ियाहूं को अवगत कराया कि कड़कड़ाती ठंड में गरीब महिलाएं एवं बच्चे संगमरमर की फर्श पर बैठे हुए हैं कम से कम उन्हें कुर्सिया नहीं दे रहे हैं तो दरी बिछा दिया जाए लेकिन पत्रकारों की भी एक बात नहीं सुनी गई। उल्टे एसडीएम ने कहा कि कंबल लेने आए हैं तो दरी बिछाने की क्या जरूरत है।
जिसके बाद कंबल वितरण कार्यक्रम शुरू किया गया। देखते ही देखते गरीब कंबल पाने के लिए तहसील सभागार में एक दूसरे पर टूट पड़े। और भगदड़ की भी बन गई। तहसील प्रशासन के बदइंतजामी को देखते हुए कंबल वितरण विधायक ने रुकवा दिया। उसके बाद सभागार का दरवाजा बंदकर एक एक गरीबों को कंबल देकर बाहर किया गया। इसके बावजूद करीब 12 लोगों को कंबल नहीं मिल सका और कड़कड़ाती ठंड में बिना कंबल के ही वापस चले गए। मौजूद लोगों ने बताया कि तहसील के लेखपालों ने हल्का के गांवों से चिन्हित करके लाए गए गरीबों को कंबल दिलवाकर घर भेज दिया। लेकिन जो वास्तव में गरीब थे उन्हें कंबल नहीं दिया गया। इस मामले में पूछे जाने पर एसडीएम लाल बहादुर ने बताया कि शासन से कंबल कम आया था जो 12 बचे हैं उनका नाम लिखवा दिया जा रहा है कंबल आने पर उनको दिया जाएगा।

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